पश्चिम बंगाल

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी एजेंट से जुड़े अवैध पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी एजेंट से जुड़े अवैध पासपोर्

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो : Internet

देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में अवैध पासपोर्ट रैकेट में शामिल एक प्रमुख दलाल को गिरफ्तार किया है। इस रैकेट के तार सीधे एक पाकिस्तानी एजेंट से जुड़े हुए थे, जो सीमा पार से आने वाले अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पैसे लेकर भारतीय पहचान के जाली दस्तावेज़ उपलब्ध करा रहा था। ईडी की यह कार्रवाई देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, जिसने लगभग 250 फर्जी पासपोर्ट जारी करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

दलाल की गिरफ्तारी और रैकेट का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता से इंदुभूषण हाल्दर उर्फ दुलाल को गिरफ्तार करके इस अवैध पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश किया। हाल्दर, जो नादिया जिले के चकदह गांव का निवासी है, इस मामले में दूसरा गिरफ्तार व्यक्ति है। ईडी ने हाल्दर को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। एजेंसी ने पाया कि हाल्दर फर्जी दस्तावेज बनवाकर धन (जुर्म की आय) अर्जित कर रहा था। हाल्दर की अग्रिम जमानत याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट सहित विशेष अदालत ने पहले ही खारिज कर दी थी, जिससे एजेंसी की कार्रवाई को बल मिला।

मुख्य आरोपी और धन शोधन का जाल

इस रैकेट का मुख्य आरोपी आजाद हुसैन उर्फ आजाद मलिक है, जो एक पाकिस्तानी एजेंट है। हुसैन को ईडी पहले ही अप्रैल में गिरफ्तार कर चुकी है और उसके खिलाफ जून में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। हुसैन भारत में नकली पहचान 'आजाद मलिक' के साथ रह रहा था। वह बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए घुसपैठियों को पैसे लेकर फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट मुहैया कराता था। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, हुसैन बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए हाल्दर के पास भेजता था, जिससे धन शोधन का एक बड़ा जाल फैला हुआ था।

रैकेट का विस्तार और सुरक्षा पर प्रभाव

एजेंसी के बयान के अनुसार, इंदुभूषण हाल्दर ने लगभग 250 बांग्लादेशी नागरिकों को जाली दस्तावेज़ों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संख्या इस रैकेट के व्यापक विस्तार को दर्शाती है। यह अवैध काम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि यह घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता का प्रमाण देता है। ईडी की यह गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल होने के बाद, रैकेट के अन्य सहयोगियों और हवाला जैसे वित्तीय पहलुओं की आगे की जाँच का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा।

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