मौसम विभाग ने अंडमान, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश जबकि दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मई के मध्य में देश के मौसम चक्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे जा रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं, जिसके चलते अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 16 मई 2026 के आसपास मानसून के दस्तक देने की संभावना है। इसके प्रभाव से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों, विशेष रूप से केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज के साथ व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है। विभाग ने मछुआरों को खराब मौसम के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी है। देश के उत्तरी और मध्य भागों में भी मौसम की हलचल तेज हो गई है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की भी उम्मीद है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। इन क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस का स्तर बढ़ने की भी आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच दिनों तक बारिश की स्थिति बनी रहेगी। विशेष रूप से असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी छिटपुट स्थानों पर बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पूर्वी भारत के इन राज्यों में नमी वाली हवाओं के कारण मौसम अस्थिर बना रहेगा, जिससे कृषि कार्यों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम राजस्थान और महाराष्ट्र के कुछ आंतरिक हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राजस्थान के पश्चिमी जिलों में अगले कुछ दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है। कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में उच्च तापमान के साथ-साथ उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी छिटपुट बारिश के बावजूद दिन के समय लू जैसे हालात महसूस किए जा सकते हैं।
मौसम विभाग ने आंधी और बिजली चमकने के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने और बागवानी कार्यों को मौसम की स्थिति के अनुसार व्यवस्थित करने को कहा गया है। वज्रपात की घटनाओं से बचने के लिए ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियां यह संकेत दे रही हैं कि इस साल प्री-मानसून की गतिविधियां काफी प्रभावी रहने वाली हैं। आईएमडी के अनुसार, इस वर्ष मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। चक्रवाती गतिविधियों पर भी विभाग की विशेष नजर है ताकि तटीय क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।
यह रिपोर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन और वर्तमान समाचारों के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम की स्थिति में किसी भी समय बदलाव संभव है, इसलिए सटीक और वास्तविक समय की जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र की सूचनाओं का अनुसरण करें। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।