भीलवाड़ा में विश्व नर्सेज दिवस पर 151 नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को सराहा गया।
विधायक गोपाल खंडेलवाल संबोधित करते हुए
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। भीलवाड़ा नर्सेज संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह जिला स्तरीय समारोह महात्मा गांधी चिकित्सालय (MGH) परिसर स्थित आईएमए हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल के पदचिह्नों पर चलने के सामूहिक संकल्प के साथ हुई। समारोह के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिले के अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने नर्सिंग को महज एक पेशा न मानकर, इसे पीड़ित मानवता की सेवा का सबसे बड़ा और पवित्र माध्यम बताया। कार्यक्रम में नर्सिंग कर्मियों के समर्पण ने पूरे जिले के स्वास्थ्य जगत में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
समारोह के मुख्य अतिथि विधायक गोपाल खंडेलवाल ने अपने संबोधन में नर्सिंग सेवा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कोरोना काल के कठिन संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व महामारी के भय से कांप रहा था, तब भीलवाड़ा ने अपनी सूझबूझ और नर्सिंग कर्मियों के अदम्य साहस से 'भीलवाड़ा मॉडल' पेश किया। विधायक ने 'रुथलेस कंटेनमेंट' की नीति और घर-घर जाकर की गई गहन स्क्रीनिंग का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वय ने संक्रमण की कड़ी को तोड़ा था। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भीलवाड़ा का यह आपदा प्रबंधन मॉडल आज भी पूरे देश के लिए एक नजीर बना हुआ है और इसका श्रेय उन नर्सिंग कर्मियों को जाता है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा की।
इस उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में जिले भर से चयनित 151 नर्सिंग कर्मियों को उनके अनुकरणीय और निस्वार्थ कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों पर भी जोर दिया गया। फ्लोरेंस नाइटिंगेल की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में नर्सिंग स्टाफ ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश पहुँचा। इसके अतिरिक्त, सामाजिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के एक विशेष पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन नर्सेज संगठन के संरक्षक फरीद मोहम्मद रंगरेज और जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने किया, जिन्होंने नर्सेज की मांगों और उनके अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
समारोह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में बताया कि एक नर्स के पेशेवर जीवन में आंतरिक शांति और धैर्य की कितनी बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने नर्सिंग कर्मियों को सलाह दी कि तनावमुक्त होकर की गई सेवा न केवल मरीज को जल्दी स्वस्थ करती है, बल्कि स्वयं सेवक को भी आत्मिक संतुष्टि प्रदान करती है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने नर्सिंग कर्मियों की लंबित समस्याओं, जैसे समय पर वेतन भुगतान, नए नर्सेज भवन की उपलब्धता और रिक्त पदों को भरने के आश्वासन दिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार और संगठन हमेशा स्वास्थ्य कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगे।
मुख्य समारोह से पूर्व मंगलवार सुबह महात्मा गांधी चिकित्सालय स्थित फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. वर्षा सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार गौड़ और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में नारायण माली, राजेश लक्षकार, कमलेश शर्मा, नूर मोहम्मद खान और अमित व्यास सहित समस्त नर्सेज पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित सैकड़ों नर्सिंग कर्मियों ने एक बार फिर मानवता की निस्वार्थ सेवा का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का एक सामूहिक आह्वान भी था।
यह रिपोर्ट भीलवाड़ा नर्सेज दिवस समारोह के दौरान हुई गतिविधियों और मुख्य अतिथियों द्वारा दिए गए भाषणों के तथ्यों पर आधारित है। लेख में व्यक्त किए गए विचार और आश्वासन संबंधित व्यक्तियों के हैं। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आधिकारिक घोषणाओं के लिए संबंधित विभाग के संपर्क में रहें।