जयपुर में आयोजित नर्सेज दिवस समारोह में भीलवाड़ा के पूर्व रजिस्ट्रार सुमंत कुमार व्यास को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग कर्मियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया की राजस्थान इकाई द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। जयपुर के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी हॉस्पिटल के विशाल मुख्य सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश भर के वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों और चिकित्सा जगत की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और असाधारण योगदान देने वाले विशिष्ट चिकित्सा कर्मियों को सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य मंच पर पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, वर्तमान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम, और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर आलोक जैसे शीर्ष नेतृत्व उपस्थित रहे। इसके अलावा महात्मा गांधी अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर बी एल स्वर्णकार और ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉक्टर ए कुमार ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह की शुरुआत में राजस्थान इकाई के प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर जोगेंद्र शर्मा ने सभी आगंतुक अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नर्सिंग कर्मियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा नर्सिंग सेवाओं में अपनी पूरी जिंदगी समर्पित करने वाले कर्मठ कर्मियों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस विधिक कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण नर्सिंग सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट एवं अति विशिष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा जाना रहा। इस गौरवशाली श्रेणी के तहत भीलवाड़ा के मूल निवासी सुमंत कुमार व्यास को उनके जीवन भर की बेदाग और अनुकरणीय सेवाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सुमंत कुमार व्यास भीलवाड़ा के पूर्व नर्सिंग अधीक्षक होने के साथ-साथ जयपुर में राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के प्रतिष्ठित पद पर पूर्व रजिस्ट्रार के रूप में भी अपनी विधिक सेवाएं दे चुके हैं। उनके इस सर्वोच्च सम्मान को प्राप्त करते ही पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा।
सुमंत कुमार व्यास को राज्य स्तर पर इतना बड़ा गौरव हासिल होने की सूचना मिलते ही भीलवाड़ा के संपूर्ण चिकित्सा जगत और नर्सिंग समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर राजस्थान नर्सेज यूनियन भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट और जिला संयोजक अमित व्यास ने अपनी पूरी जिला कार्यकारिणी की तरफ से उन्हें दूरभाष और संदेश के माध्यम से हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “भीलवाड़ा के संपूर्ण नर्सेज समुदाय के लिए यह अत्यंत गौरव का पल है कि हमारे वरिष्ठ मार्गदर्शक को इस प्रतिष्ठित मंच पर सराहा गया है।” जिला संगठन ने यह भी याद दिलाया कि इससे पूर्व भी यूनियन ने महात्मा गांधी अस्पताल भीलवाड़ा के उप नर्सिंग अधीक्षक मुकुटराज सिंह को राज्य स्तर पर विशिष्ट सम्मान प्राप्त होने पर बधाई दी थी, जो भीलवाड़ा के चिकित्सा ढांचे की मजबूती को प्रदर्शित करता है।
समारोह के मुख्य तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए राजस्थान इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर जोगेंद्र शर्मा ने आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटेंगल के जीवन दर्शन और चिकित्सा सेवा में उनके ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने रात-रात भर जागकर लैंप के सहारे घायल सैनिकों की सेवा की थी, जिसके कारण उन्हें लेडी विद द लैंप कहा गया। डॉक्टर शर्मा ने वहां उपस्थित सभी युवा और वरिष्ठ नर्सिंग कार्मिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि, “सभी नर्सिंग कर्मियों को फ्लोरेंस नाइटेंगल द्वारा रोगियों की सेवा और मानव कल्याण के लिए किए गए महान कार्यों के अनुरूप पूरी निष्ठा और पूर्ण सेवा की भावना से अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नर्स केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा विधिक और धार्मिक माध्यम है।
विश्व भर में हर साल बारह मई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पूरी दुनिया के स्वास्थ्य ढांचे में नर्सिंग स्टाफ के अमूल्य और अद्वितीय योगदान को रेखांकित करने का एक वैश्विक माध्यम है। अंतरराष्ट्रीय नर्सेज परिषद द्वारा हर साल इस दिन को एक विशेष वैश्विक थीम के साथ मनाया जाता है, जो वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में नर्सों की भूमिका को तय करती है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारियों के दौर में इन चिकित्सा कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अग्रिम पंक्ति में रहकर जिस तरह मानवता की रक्षा की, उसने दुनिया भर में इस पेशे के प्रति सम्मान को कई गुना बढ़ा दिया है। जयपुर में आयोजित इस प्रांतीय सम्मेलन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समाज में डॉक्टरों के समान ही नर्सों का विधिक और सामाजिक स्थान अत्यंत उच्च है।
यह समसामयिक समाचार रिपोर्ट जयपुर में ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय समारोह, चिकित्सा मंत्रियों व पदाधिकारियों द्वारा दिए गए आधिकारिक वक्तव्यों और क्षेत्रीय समाचार सोर्सेज द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राथमिक विधिक तथ्यों पर पूरी तरह आधारित है। इस सम्मान समारोह, पुरस्कारों की विधिक श्रेणियों या संगठनात्मक निर्णयों से जुड़े किसी भी प्रकार के वैधानिक संदर्भ के लिए राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और संबंधित एसोसिएशन द्वारा जारी मूल विधिक प्रेस विज्ञप्ति को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाना चाहिए। इस लेख का मुख्य उद्देश्य केवल जनहित में चिकित्सा कर्मियों के सम्मान और उनके सामाजिक विकास की निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत, सामाजिक या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं।