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लुधियाना में हाईटेक साइबर फ्रॉड नेटवर्क ध्वस्त: एक सौ चालीस गिरफ्तार

लुधियाना में अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी मामले में पंजाब पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक सौ चालीस आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा

पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से देश के सबसे बड़े संगठित तकनीकी अपराध सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पंजाब पुलिस के विशेष एंटी-साइबर सेल ने स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर लुधियाना में अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बेहद हाई-प्रोफाइल और तकनीकी रूप से उन्नत नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। यह गिरोह शहर के भीतर पॉश कमर्शियल परिसरों में अवैध रूप से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। पुलिस की इस छापेमारी से देशव्यापी और वैश्विक स्तर पर इंटरनेट के जरिए ठगी करने वाले अपराधियों में भारी हड़कंप मच गया है।

पुलिस कार्रवाई

यह अभूतपूर्व पुलिसिया दबिश लुधियाना के तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आधी रात को दी गई, जिससे आरोपियों को भागने या अपने कंप्यूटर डेटा को डिलीट करने का बिल्कुल समय नहीं मिला।

इस मेगा ऑपरेशन की पूरी रूपरेखा और सफलता की जानकारी साझा करते हुए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने मीडिया के समक्ष अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “इस बेहद बड़े मामले में अब तक लगभग एक सौ पचास लोगों को नामजद किया गया है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग एक सौ चालीस शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।”

विदेशी नागरिक शिकार

पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह कोई सामान्य ठगी नहीं कर रहा था, बल्कि अत्याधुनिक सर्वरों और वीओआईपी (VOIP) कॉलिंग विधा का उपयोग कर विदेशों में बैठे अमीर नागरिकों को अपना शिकार बनाता था।

कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने गिरोह के काम करने के अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए आगे बताया कि, “यह एक बहुत ही अच्छी तरह से तेल लगे पहिये की तरह चलने वाला नेटवर्क था, जो मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के मासूम नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर निशाना बनाता था।”

उच्च शिक्षित अपराधी

इस रैकेट की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें पकड़े गए अधिकांश लड़के और लड़कियां कोई अनपढ़ अपराधी नहीं हैं, बल्कि वे देश के नामी विश्वविद्यालयों से डिग्री धारक हैं।

पुलिस आयुक्त ने इन ठगों की योग्यता और उनके बैकग्राउंड पर विस्मय व्यक्त करते हुए आगे कहा कि, “इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए सभी लोग बेहद अच्छी तरह से शिक्षित हैं और उन्होंने पहले भी कई नामी-गिरामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया था, जहाँ वे तीस से पचास हजार रुपये प्रति माह तक वेतन कमा रहे थे; इन सभी के पास बेहतरीन संचार कौशल उपलब्ध है।”

बाहरी राज्यों के ठग

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड ने देश के अलग-अलग राज्यों से ऐसे युवाओं को चुना था जो अंग्रेजी और अन्य यूरोपीय भाषाएं बोलने में पूरी तरह माहिर थे।

पकड़े गए अपराधियों के स्थानीय पतों की तस्दीक करने के बाद पुलिस कमिश्नर ने बताया कि, “इस गिरोह में पकड़े गए अधिकांश लोग दिल्ली-एनसीआर और देहरादून के रहने वाले हैं, जिन्होंने लुधियाना को केवल एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने के लिए चुना था।” पुलिस ने मौके से करोड़ों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बरामद किए हैं।

बड़ी विधिक कार्रवाई

पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क और डार्क वेब के बड़े सौदागरों से भी जुड़े होने की पूरी आशंका है।

इसीलिए इस लुधियाना में अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के वित्तीय खातों की फॉरेंसिक जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी पत्र लिखा गया है। पुलिस ने पकड़े गए सभी एक सौ चालीस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया है ताकि इस बात का सटीक पता लगाया जा सके कि उन्होंने विदेशी नागरिकों से अब तक कुल कितने सौ करोड़ रुपयों की अवैध लेवाली की है। इस कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।(1)

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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