उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रतापनगर थाने के एएसआई सुनील बिश्नोई को एक लाख की घूस लेते दबोचा है।
आरोपी एएसआई सुनील बिश्नोई
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम लगातार घूसखोरों और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ा शिकंजा कस रही है। राज्य सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए ब्यूरो द्वारा प्रदेशव्यापी स्तर पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी विशेष अभियान के तहत रविवार को उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने एक बेहद बड़ी, गोपनीय और प्रभावी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई से पूरे संभाग के पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों में अचानक भारी हड़कंप मच गया है।[1]
यह पूरा आपराधिक मामला खाकी वर्दी को दागदार करने वाला और बेहद गंभीर प्रकृति का है। शहर के प्रतापनगर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सुनील बिश्नोई ने न्याय मांगने आए एक आम नागरिक को ही अपनी अवैध वसूली का जरिया बना लिया था। आरोपी एएसआई सुनील बिश्नोई ने एक पीड़ित से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के संगीन मामले में काउंटर मुकदमा दर्ज नहीं करने और उसे कानूनी पचड़े से बचाने के बदले में इस मोटी रकम की डिमांड की थी।
आरोपी पुलिसकर्मी द्वारा पीड़ित को पुलिसिया हनक दिखाते हुए लगातार डराया-धमकाया जा रहा था कि अगर उसने तय समय पर एक लाख रुपए की नगद राशि नहीं दी, तो उसे झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा और उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। आरोपी की रोज़-रोज़ की प्रताड़ना और धमकियों से बुरी तरह परेशान होकर अंततः पीड़ित ने हिम्मत दिखाई और कानून का सहारा लेते हुए इस गंभीर घूसखोरी की लिखित शिकायत उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम के आला अधिकारियों को सौंप दी।
शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। ब्यूरो की विशेष तकनीकी विंग ने सबसे पहले इस पूरे मामले और रिश्वत की मांग का बेहद गोपनीय तरीके से सत्यापन करवाया। इस सत्यापन के दौरान आरोपी एएसआई द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम के इंस्पेक्टर और धाकड़ कमांडो ने कानून सम्मत कार्रवाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक मजबूत जाल बिछाया।
आरोपी एएसआई सुनील बिश्नोई ने रविवार को परिवादी को रिश्वत के रुपए सौंपने के लिए थाने के बजाय एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में शहर के शोभागपुरा स्थित नामचीन ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में बुलाया था। आरोपी को भनक नहीं थी कि वह जाल में फंस चुका है। जैसे ही परिवादी ने आरोपी सुनील बिश्नोई को केमिकल लगे हुए एक लाख रुपए सौंपे, वैसे ही वहां सादे कपड़ों में पहले से घात लगाकर बैठी उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो की टीम ने मौके पर ही आरोपी एएसआई के हाथों को खास केमिकल के घोल से धुलवाया, जिससे उसके हाथ पूरी तरह गुलाबी हो गए। भ्रष्टाचार के इस संगीन मामले में एसीबी की टीमें अब आरोपी पुलिसकर्मी के पैतृक आवास और वर्तमान ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के दस्तावेजों की सघन तलाशी में जुटी हैं। उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने प्रतापनगर थाने से जुड़े इस केस के सभी मूल रिकॉर्ड को भी अपने कब्जे में ले लिया है ताकि माननीय अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य पेश किए जा सकें।
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