जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा सक्षम प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं के लिए एक दिवसीय प्रेरणादायक व्यक्तित्व विकास कार्यशाला आयोजित की गई।
जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राजस्थान के भीलवाड़ा टेक्सटाइल सिटी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बेहद प्रभावी और अनुकरणीय कदम आगे बढ़ाया गया है। जैन समाज की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा अपने महत्वाकांक्षी सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्थानीय महिलाओं के सर्वांगीण कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के विशेष लक्ष्य से एक उच्च स्तरीय प्रेरणादायक व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस अनूठे प्रशिक्षण सत्र का मुख्य विषय 'शी राइज रेडिसकवर यूअरसेल्फ-ओवर यूअर प्रेजेन्स-लाइव विथ कॉन्फीडेंस' रखा गया था, जिसे लेकर पूरे भीलवाड़ा संभाग के महिला समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
शहर के मध्य स्थित नागौरी गार्डन के सुप्रसिद्ध तेरापंथ भवन में आयोजित इस गरिमामयी और भव्य कार्यक्रम का औपचारिक आगाज जैन धर्म के सबसे महामंगलकारी नवकार महामंत्र के सामूहिक सस्वर पाठ के साथ पूर्ण आध्यात्मिक वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में आयोजन स्थल पर पधारे हुए सभी गणमान्य सदस्यों और नव-आगंतुकों का आत्मीय स्वागत जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व संस्था की ऊर्जावान चेयरपर्सन नीता बाबेल ने संभाला। चेयरपर्सन ने अपने स्वागत भाषण में सभी को संबोधित करते हुए संस्था की आगामी कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।
स्वागत भाषण के तुरंत बाद चेयरपर्सन नीता बाबेल ने इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता एएमबी कंसल्टिंग की संस्थापक एवं मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर की मैनेजमेंट फैकेल्टी प्रोफेसर अमृता बोकड़िया का औपचारिक परिचय सदन के समक्ष प्रस्तुत किया।
उन्होंने परिचय देते हुए कहा कि, “इस विशेष आयोजन का मुख्य लक्ष्य प्रेरणादायक एवं संवादात्मक सत्र के माध्यम से महिलाओं का आंतरिक आत्मविश्वास बढ़ाना, स्वयं की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ आज के आधुनिक युग में समाज के भीतर एक बेहद प्रभावशाली और संस्कारी व्यक्तित्व किस तरह विकसित किया जा सकता है, इसके बारे में महत्वपूर्ण व्यावहारिक टिप्स प्रदान करना है।”
कार्यशाला की मुख्य वक्ता अमृता बोकड़िया ने जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान के लिए की गई इस अनूठी और दूरदर्शी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने आधुनिक दौर में महिलाओं की सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई गंभीर विषयों पर अपना बेहद अहम मार्गदर्शन प्रदान किया।
उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए बताया कि किस तरह कोई भी महिला हर समय जागरूक रहने के साथ अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन का सर्वांगीण विकास कर सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बॉडी लैंग्वेज हमेशा ऐसी होनी चाहिए जो उनके आंतरिक आत्मविश्वास और गरिमा का जीवंत प्रदर्शन करती हो।
मुख्य वक्ता ने आधुनिक कॉर्पोरेट और सामाजिक जीवन में बातचीत के तौर-तरीकों पर विशेष व्याख्यान दिया। अमृता बोकड़िया ने महिलाओं का मार्गदर्शन करते हुए मंच से अपने मुख्य संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि, “एक प्रभावी संवाद कौशल के साथ आत्मविश्वास से पूरी तरह परिपूर्ण होकर हम अपनी बात समाज और परिवार के सामने किस तरह मजबूती से रख सकते हैं, यह सीखना बेहद आवश्यक है; क्योंकि आत्मविश्वास के साथ की गई एक प्रभावी प्रस्तुति ही आज के प्रतिस्पर्धी कार्यक्षेत्र में अंतिम सफलता का मुख्य आधार होती है।”
उन्होंने आगे समझाते हुए कहा कि सकारात्मक एवं प्रेरणादायी विचारों के साथ किस तरह महिला समुदाय से जुड़ाव बढ़ाया जा सकता है और सामाजिक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं में जोश भरते हुए आगे कहा कि, “यदि हमारी विल पावर यानी इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास मजबूत है, तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए उम्र की कोई सीमा मायने नहीं रखती है।”
इस पूरे प्रेरक सत्र का बेहद कुशल और प्रभावी संचालन प्रोजेक्ट कन्वेनर रचना मेहता ने किया, जबकि प्रोजेक्ट की को-कन्वेनर शोभिका खजांची ने तकनीकी व्यवस्थाएं संभालीं। आयोजन की ऐतिहासिक सफलता पर सभी का सहृदय आभार चीफ सेक्रेटरी अर्चना पटौदी ने जताया।
कार्यक्रम के समापन पर जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा मुख्य वक्ता अमृता बोकड़िया का पारंपरिक दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर विशेष बहुमान किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भीलवाड़ा चैप्टर लेडीज विंग की अमिता बाबेल, रजनी सिंघवी, रेखा नानेचा, स्मिता पीपाड़ा, प्रीति पोखरना, आनंद बाला टोडरवाल, प्रीति चोरड़िया, पूजा गलुण्डिया, विमला देवी लुहाड़िया, सरिता पोखरना, सुनीता गांधी, दीपिका जैन, समता जैन, किरण तेजावत, सुनीता जामड, रीमा नैनावटी, दिवांशी गलुण्डिया और मधु लोढ़ा सहित बहुत बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति को जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग द्वारा विशेष रूप से रेखांकित और सम्मानित किया गया।
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