प्रादेशिक

सिक्किम सरकार द्वारा ईंधन बचाने के लिए ऑड-इवन व्यवस्था लागू

सिक्किम सरकार द्वारा पश्चिमी एशिया संकट के बीच ईंधन बचाने के उद्देश्य से राज्यभर में ऑड-इवन वाहन नियम कड़ाई से लागू किया गया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

हिमालयी राज्य सिक्किम में यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की खपत को नियंत्रित करने की दिशा में एक बेहद युगांतरकारी कदम उठाया गया है। सिक्किम सरकार द्वारा सोमवार को पूरे राज्य के भीतर वाहनों के संचालन के लिए बहुप्रतीक्षित "ऑड-इवन" (विषम-सम) वाहन प्रतिबंध नियम को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। इस नई विधिक व्यवस्था के लागू होने के साथ ही आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को भी व्यापक रूप से मजबूत किया है।

पीएम की अपील

यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनजर देश की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) संकट के गहरे असर को देखते हुए देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और बुद्धिमत्ता से खर्च करने की भावुक अपील की थी। इसी अपील के अनुपालन में सिक्किम के राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई ऑड-इवन व्यवस्था 18 मई से प्रभावी हो गई है।

सिटी रनर सेवा

प्रशासन ने इस सख्त वाहन प्रतिबंध प्रणाली के कारण राजधानी गंगटोक और आसपास के इलाकों में दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

अधिसूचना के हिस्से के रूप में, गंगटोक में बहुप्रतीक्षित "सिटी रनर" बस सेवाओं के बेड़े को तुरंत सड़कों पर उतार दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सिटी रनर बसें अब प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक रानीपूल से सचिवालय और वापस रानीपूल के निर्धारित रूट पर हर 30 मिनट के अंतराल पर संचालित की जाएंगी।

वीकेंड पर राहत

सिक्किम सरकार द्वारा इस नई व्यवस्था के तहत आम जनता की सुचारू आवाजाही और पर्यटकों की सहूलियत का भी विशेष विधिक ध्यान रखा गया है।

परिवहन विभाग के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि, “शनिवार और रविवार यानी वीकेंड के दिनों में सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी, ताकि जनता की निर्बाध गतिशीलता सुनिश्चित की जा सके।” इसके अलावा, राज्य के सभी छह जिलों में वर्तमान में विभिन्न रूटों पर चल रही सिक्किम राष्ट्रीयकृत परिवहन (एसएनटी) की सभी सरकारी बसें बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं जारी रखेंगी।

टैक्सियों का संचालन

पहाड़ी राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय रोजगार और परिवहन के मुख्य साधन यानी टैक्सियों को कुछ रियायतें भी दी गई हैं।

परिवहन विभाग की आधिकारिक अधिसूचना में स्पष्ट रूप से स्पष्टीकरण दिया गया है कि, “सभी स्थानीय और अंतर-जिला परिवहन के लिए टैक्सियां उनके परमिट में निर्दिष्ट रूटों के अनुसार ही संचालित होती रहेंगी।” आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में सिक्किम राज्य में कुल पंजीकृत टैक्सियों की संख्या 15,548 है, जबकि मैक्सिकैब वाहनों की संख्या 6,474 दर्ज है।

असुविधा होगी कम

इस पूरे मामले पर सिक्किम परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने आम जनता से इस संकट की घड़ी में सहयोग करने की अपील की है।

विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “इन सभी अतिरिक्त और सहायक उपायों का मुख्य उद्देश्य ऑड-इवन विनियमन प्रणाली के प्रवर्तन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करना और कुशल सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बनाए रखना है।” सिक्किम सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की पर्यावरणविदों ने भी काफी सराहना की है।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट सिक्किम राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सरकारी सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। राज्य में वाहनों के संचालन, परमिट नियमों और रूटों में किसी भी प्रकार के तात्कालिक बदलाव या छूट के विधिक संदर्भ के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल नियमावली को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या सार्वजनिक निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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