क्राइम

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में डॉक्टर से साढ़े दस करोड़ की ठगी

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक डॉक्टर से क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर शातिर जालसाज ने साढ़े दस करोड़ रुपये की भारी ठगी को अंजाम दिया।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

देश के भीतर डिजिटल क्रांति और तकनीक के विस्तार के साथ ही साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से फैलता जा रहा है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक नामचीन चिकित्सक (डॉक्टर) को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 10.5 करोड़ रुपये की बहुत बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है। पुलिस विभाग की साइबर सेल और स्थानीय विधिक विंग ने पीड़ित चिकित्सक की लिखित शिकायत के आधार पर एक शातिर पढ़े-लिखे युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच को तेज कर दिया है।

डॉक्टर को फंसाया

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जिला पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल ठगी के शिकार पीड़ित की पहचान डॉ. श्रीनिवासा रेड्डी के रूप में हुई है, जो क्षेत्र के एक बेहद प्रतिष्ठित फिजिशियन हैं।

डॉ. रेड्डी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि एक स्थानीय युवक ने उन्हें क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग और विदेशी मुद्रा बाजार में निवेश करने पर कुछ ही महीनों के भीतर कई गुना अधिक वित्तीय रिटर्न और असाधारण मुनाफा कमाने का झूठा झांसा देकर जाल में फंसाया था।

पांच महीने की प्लानिंग

साइबर पुलिस की प्राथमिक जांच में इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल फ्रॉड को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान पेरीकाला दीपक राज के रूप में हुई है, जो गुंटूर के आरटीसी कॉलोनी का निवासी है।

जांच अधिकारियों ने खुलासा किया है कि आरोपी दीपक राज ने इस बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले करीब पांच महीनों तक लगातार डॉ. श्रीनिवासा रेड्डी से मुलाकातें की थीं। उसने बेहद सुनियोजित तरीके से विभिन्न वित्तीय विषयों पर चर्चा करके डॉक्टर का भरोसा पूरी तरह से जीत लिया था।

फर्जी दस्तावेज तैयार

आरोपी दीपक राज ने फाइनेंस (वित्त) में एक विशेष कोर्स किया हुआ था, जिसके कारण उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो करेंसी मार्केट और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव की अच्छी तकनीकी समझ थी।

इसी विशेषज्ञता का नाजायज फायदा उठाकर उसने पहले डॉक्टर को बहुत छोटी रकम निवेश करने के लिए राजी किया था। इसके बाद उसने डॉक्टर के मोबाइल पर फर्जी डिजिटल डाक्यूमेंट्स, नकली स्क्रीनशॉट्स और जाली ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड्स दिखाए, जिसमें उनका मुनाफा लगातार तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा था।

बेच दी अपनी संपत्ति

इस आभासी और फर्जी मुनाफे को पूरी तरह सच मानकर डॉक्टर का विश्वास आरोपी दीपक राज पर बहुत ज्यादा मजबूत हो गया और वे लगातार बड़ी रकम लगाने लगे।

निवेश का यह चक्र जब आगे बढ़ा, तो डॉ. श्रीनिवासा रेड्डी ने अधिक लालच में आकर गुंटूर स्थित अपनी कई चल-अचल संपत्तियों और जमीनों को भी बाजार में बेच दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने इस फर्जी क्रिप्टो स्कीम में पैसा लगाने के लिए अपने कई करीबी रिश्तेदारों और परिचितों से भी करोड़ों रुपये उधार ले लिए थे।

साढ़े दस करोड़ स्वाहा

पुलिस सूत्रों ने साइबर सिंडिकेट के काम करने के तौर-तरीकों पर बात करते हुए बताया कि आरोपी ने पीड़ित को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले रखा था।

जांचकर्ताओं ने बताया कि, “आरोपी लगातार फर्जी प्रॉफिट स्टेटमेंट दिखाता रहा और पीड़ित को विश्वास दिलाता रहा कि उनके द्वारा किए गए निवेश की वैल्यू बहुत तेजी से बढ़ रही है।” डॉक्टर ने इसी बहकावे में आकर अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी के माध्यम से कई किस्तों में कुल 10.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आरोपी के हवाले कर दी।[1]

एसपी ने दिए आदेश

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर ने अपनी जरूरत के लिए मुनाफे की रकम को बैंक खाते में वापस निकालने (विड्रॉ करने) का प्रयास किया।

जब आरोपी ने उनके बार-बार किए गए अनुरोधों को टालना शुरू कर दिया, तो डॉक्टर को गहरा संदेह हुआ। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुंटूर के एसपी वकुल जिंदल ने तत्काल सख्त कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद ओल्ड गुंटूर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

जारी है डिजिटल ऑडिट

वर्तमान में पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के बैंक खातों की वित्तीय कड़ियों, डिजिटल साक्ष्यों और क्रिप्टो लेनदेन से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क ने क्षेत्र के कितने अन्य अमीर लोगों को अपना शिकार बनाया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों को बिना किसी सरकारी मान्यता और नियामक पारदर्शिता के संचालित होने वाले ऐसे भ्रामक निवेश ऐप और असाधारण रिटर्न के वादों से पूरी तरह सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी जारी की है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह साइबर अपराध समाचार रिपोर्ट आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिला पुलिस विभाग द्वारा दर्ज प्राथमिकी, पीड़ित डॉक्टर की शिकायत और पुलिस अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। क्रिप्टो करेंसी निवेश बाजार जोखिमों और तकनीकी धोखाधड़ी के अधीन है। किसी भी वित्तीय योजना या ट्रेडिंग ऐप में पूंजी निवेश करने से पहले पाठकों को भारत सरकार और आरबीआई द्वारा जारी नियमों की जांच अवश्य करनी चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

 

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