तमिलनाडु के मदुरवोयल में लकड़ी के गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। मामला एमएस नगर के पोरुर क्षेत्र का है।
लकड़ी के गोदाम में भीषण आग
तटीय राज्य तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पश्चिमी उपनगर में स्थित एक बड़े औद्योगिक इलाके से भीषण आगजनी की दर्दनाक खबर सामने आ रही है। तमिलनाडु के मदुरवोयल में लकड़ी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे से औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों में चारों तरफ हड़कंप मच गया है। आसमान में छाए घने काले धुएं के गुबार को देखकर स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, आज तड़के मदुरवोयल में लकड़ी के गोदाम के भीतर से अचानक आग की तेज लपटें और भारी धुआं निकलता देखा गया था।
लकड़ी के तख्ते और अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उनकी गर्मी को कई सौ मीटर दूर से ही महसूस किया जा रहा था। स्थानीय सुरक्षा गार्डों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को विधिक सूचना दी।
इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और चेन्नई फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की कई दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं।
मदुरवोयल, पोरुर, पूनामल्ली और अंबत्तूर जैसे नजदीकी फायर स्टेशनों से पानी के बड़े टैंकर और अत्याधुनिक दमकल वाहनों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए चौतरफा पानी की बौछारें शुरू कर दीं। संकरी गलियां होने के कारण शुरुआत में दमकल वाहनों को अंदर प्रवेश करने में काफी विधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।
सघन रिहायशी आबादी से घिरे होने के कारण प्रशासन के लिए मदुरवोयल में लकड़ी के गोदाम की इस आग को फैलने से रोकना एक बहुत ही बड़ी और कठिन विधिक चुनौती साबित हो रहा है।
दमकल विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि, “आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त वॉटर टेंडर्स और स्काईलिफ्ट मशीनों को भी आपातकालीन बैकअप के लिए तैनात किया गया है; हमारी टीमें युद्ध स्तर पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं।” सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे एमएस नगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है।
हादसे के बाद पूरे मदुरवोयल विधानसभा क्षेत्र के प्रशासनिक अमले और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
चेन्नई पुलिस के एक विधिक अधिकारी ने दुर्घटना की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए मीडिया को बताया कि, “प्राथमिक जांच के अनुसार इस भीषण आगजनी की घटना में किसी के हताहत होने या किसी नागरिक के भीतर फंसे होने की फिलहाल कोई सूचना नहीं है।” उन्होंने बताया कि गोदाम के अंदर रखे करोड़ों रुपये मूल्य के कीमती लकड़ी के तख्ते पूरी तरह जलकर राख हो चुके हैं।
लकड़ी के इस विशाल गोदाम में सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) को लेकर भी अब स्थानीय प्रशासन द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
शुरुआती अनुमानों के अनुसार, गोदाम के मुख्य बिजली पैनल में हुए किसी भीषण शॉर्ट सर्किट को ही इस भयानक आगजनी का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, दमकल अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने और विस्तृत कूलिंग ऑपरेशन संपन्न होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक विधिक कारणों का खुलासा हो सकेगा।(1)
तमिलनाडु के मदुरवोयल में लकड़ी के गोदाम में घटी इस हालिया आगजनी ने चेन्नई के शहरी रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर विधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे घने इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों के अवैध भंडारण पर नगर निगम को तुरंत रोक लगानी चाहिए। आपदा प्रबंधन की टीमें अभी भी मौके पर तैनात हैं और मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है ताकि सुलग रही आग को पूरी तरह से बुझाया जा सके।
यह औद्योगिक दुर्घटना समाचार रिपोर्ट चेन्नई (तमिलनाडु) के मदुरवोयल क्षेत्र में स्थित लकड़ी के गोदाम में लगी आग, दमकल विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट और स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा जारी शुरुआती विधिक बयानों के तथ्यों पर आधारित है। आगजनी के विधिक कारणों, कुल वित्तीय नुकसान के आकलन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच संबंधित सरकारी विभागों के अंतिम निष्कर्षों के पूर्णतः अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी निष्कर्ष के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।