ऐपल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 18 प्रतिभावान छात्रों ने वैश्विक स्तर पर पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
ऐपल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने वैश्विक तकनीकी पटल पर अपनी कोडिंग प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वैश्विक स्तर पर आयोजित होने वाले इस बेहद प्रतिष्ठित तकनीकी मुकाबले में इस वर्ष इस विश्वविद्यालय के कुल 18 छात्र संयुक्त रूप से विजयी घोषित किए गए हैं। इस बड़ी कामयाबी के साथ ही यह संस्थान इस साल पूरे भारत में किसी भी एकल निजी विश्वविद्यालय की श्रेणी में सबसे अधिक विजेता देने वाला शीर्ष अग्रणी शैक्षणिक संस्थान बन गया है।[1]
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के मुताबिक, छात्रों की इस साल की सफलता ने पिछले साल के अपने ही पुराने सभी रिकॉर्ड्स को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
पिछले वर्ष आयोजित हुए इसी वैश्विक कोडिंग मुकाबले में इस विश्वविद्यालय से केवल 10 छात्र विजेता बने थे। संस्थान के प्रबंध निदेशक ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि, विश्वविद्यालय के भीतर स्थापित विशेष आईओएस (iOS) डेवलपमेंट और इनोवेटिव प्रोडक्ट इकोसिस्टम के तेज विस्तार के कारण ही विजेताओं की यह संख्या इस बार लगभग दोगुनी दर्ज हुई है।
ऐपल ने इस साल पूरे विश्व से केवल 350 मेधावी छात्रों को विजेता के रूप में चुना है, जिनमें से अकेले 18 छात्र ऐपल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के इसी एक भारतीय परिसर से जुड़े हुए हैं।
यह अनूठा गौरवशाली मील का पत्थर स्पष्ट रूप से यह संकेत देता है कि इस संस्थान के छात्र किस तरह अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं। वे लगातार वैश्विक स्तर के उन्नत तकनीकी प्लेटफॉर्मों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और समाज के काम आने वाले कई महत्वपूर्ण मोबाइल एप्लिकेशंस का निर्माण कर रहे हैं।
छात्रों द्वारा विकसित किए गए ये सभी कोडिंग प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा सुलभता, शिक्षा, ऑगमेंटेड रियलिटी, शारीरिक कल्याण, गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक क्षेत्रों पर आधारित हैं।
इन बेहतरीन मोबाइल एप्लिकेशंस की सूची में रोहन सिंह भोजक का मोशन कैनवास, अंशु नागर का डिस्लेक्सिया लेंस, सूरज कुमार का बेटर स्पीक, नुपुर शर्मा का सेंस शेड, नैन्सी का डर्मा सिंक, सुमित का क्विकमैथ एआर, अनिश उमर का वाणी और प्रेम कुमार का मेलो जैसे बेहतरीन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अभ्यांश का ट्रेसबड्स, अंश श्रीवास्तव का सेलुमिना, अविनीश सिंह का एएलएस असिस्ट, कार्तिक कौशिक का वेवक्वेस्ट, मानस दुबे का मोलवर्स, अभिनव गुप्ता का मेट्रिकमाइंड, कुशाग्र कुलश्रेष्ठ का साल्ट क्वेस्ट, मोहम्मद अखलाक का एक्सॉनफ्लो और अबु शहमा अंसारी का फील द रोड ऐप भी विजेता बना है।
इस पूरी प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि हर्षित गुप्ता के इन्फोल्ड प्रोजेक्ट और अबु शहमा के ऐप ने लगातार दूसरे साल इस वैश्विक प्रतियोगिता में जीत हासिल की है, जिससे उनकी प्रतिभा प्रमाणित होती है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, ऐपल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की इस अभूतपूर्व कोडिंग सफलता के पीछे संस्थान के आईओएस डेवलपमेंट सेंटर में मिलने वाली बेहतरीन ग्लोबल मेंटरशिप और वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
विजेता छात्रों ने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए चांसलर सुनील गलगोटिया, सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया और ऑपरेशंस डायरेक्टर एडवोकेट आराधना गलगोटिया के दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट प्रशासनिक सहयोग के प्रति अपना विशेष विधिक आभार प्रकट किया है।
ऐपल के इस प्लेटफॉर्म ने दुनिया भर के हजारों छात्र डेवलपर्स को अपनी रचनात्मकता और कोडिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन माध्यम दिया है।
इससे छात्रों में व्यावहारिक कौशल का विकास हो रहा है, जो उन्हें उनके भविष्य के करियर में आगे बढ़ने में मदद करेगा। इस जीत के बाद इन सभी भाग्यशाली अठारह भारतीय छात्रों को वैश्विक ऐपल डेवलपर कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा, जहाँ वे दुनिया के शीर्ष सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के साथ सीधे संवाद करके तकनीक की नई बारीकियों को सीख सकेंगे।
नवाचार के इस मजबूत इकोसिस्टम ने छात्रों को भविष्य के लिए सबसे प्रभावशाली और आधुनिक तकनीक विकसित करने के लिए पूरी तरह सशक्त बना दिया है।
संस्थान के कोडिंग मेंटर्स का कहना है कि यह सफलता अन्य जूनियर छात्रों को भी सॉफ्टवेयर और ऐप क्रिएशन की दुनिया में कुछ नया करने के लिए प्रेरित करेगी। अंततः, ऐपल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के इन प्रतिभावान छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि सही संसाधन और मार्गदर्शन मिलने पर भारतीय छात्र दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी सर्वोच्च तकनीकी क्षमता का परचम लहरा सकते हैं।
यह तकनीकी नवाचार और विश्वविद्यालय प्लेसमेंट से जुड़ी समाचार रिपोर्ट गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति (NewsVoir), ऐपल स्विफ्ट चैलेंज के परिणाम और स्थानीय संवाददाताओं द्वारा प्रेषित प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। छात्रों के प्रोजेक्ट्स के पेटेंट नियमों, ऐपल डब्लूडब्लूडीसी आमंत्रण के विधिक मानदंडों और पुरस्कारों की अंतिम विधिक पुष्टि पूरी तरह से ऐपल इंक और विश्वविद्यालय प्रशासन के नियमों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।