लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई का गठन कर वर्ष 2026-27 के लिए संगठन की अध्यक्ष पल्लवी लढा ने नए पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई का गठन होने के साथ ही वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के औद्योगिक गलियारे में महिला सशक्तिकरण की एक नई और प्रगतिशील शुरुआत हो गई है। संगठन के राष्ट्रीय और प्रांतीय लोकतांत्रिक नियमों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी के दायित्वों की घोषणा की गई है। इस प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य जिले की उभरती हुई महिला उद्यमियों को वैश्विक व्यापारिक मंच प्रदान करना है।
संगठन की भीलवाड़ा जिला इकाई की नवनिर्वाचित अध्यक्ष पल्लवी लढा ने इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक के बाद आधिकारिक प्रेस वार्ता बुलाई।
अध्यक्ष पल्लवी लढा ने नवगठित टीम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि, “प्रशासनिक रूप से सक्षम डॉ. प्रियंका मेहता को इकाई के मुख्य सचिव पद की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।” इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाली प्रिया कोठारी को कोषाध्यक्ष पद का बड़ा दायित्व सौंपा गया है।
इस सांगठनिक बैठक में मनोनीत हुए सभी नए पदाधिकारियों ने भीलवाड़ा जिले के लघु और कुटीर उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का कड़ा संकल्प लिया है।
नवनियुक्त सचिव डॉ. प्रियंका मेहता ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अपने संबोधन में कहा कि, “हमारा मुख्य लक्ष्य महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक तकनीक व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग के प्रति पूर्णतया जागरूक करना है।”
कोषाध्यक्ष प्रिया कोठारी ने कहा कि भीलवाड़ा की लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई का गठन इसीलिए किया गया है ताकि सूक्ष्म व मध्यम उद्योगों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न सरकारी लोन योजनाओं का सीधा लाभ दिलवाया जा सके।
इसके लिए संगठन द्वारा बैंक अधिकारियों और जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के समन्वय से विशेष मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से लघु व्यापार शुरू करने वाली महिलाओं को आवश्यक कागजी कार्रवाई और टेंडर प्रक्रियाओं को समझने में बहुत आसानी होगी।
वर्तमान में देशव्यापी स्टार्टअप और ई-कॉमर्स क्रांति को ध्यान में रखते हुए इस बैठक में डिजिटल मार्केटिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा।
पदाधिकारियों ने बताया कि भीलवाड़ा की ग्रामीण और शहरी पृष्ठभूमि से आने वाली महिला हस्तशिल्पकारों, टेक्सटाइल डिजाइनरों और गृह उद्योग चलाने वाली महिलाओं के उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग व ब्रांडिंग के लिए विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इससे उनके द्वारा तैयार माल को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सही दाम पर बेचा जा सकेगा।
संगठन की इस महत्वपूर्ण बैठक में भीलवाड़ा में महिला उद्यमियों के लिए एक अलग विशेष औद्योगिक क्लस्टर या रीको (RIICO) क्षेत्र में रियायती भूखंड आवंटित करने की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
पदाधिकारियों का मानना है कि यदि महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए शुरुआती स्तर पर भूमि और बिजली दरों में प्रशासनिक छूट मिलेगी, तो भीलवाड़ा देश के अग्रणी महिला बिजनेस हब के रूप में विकसित हो सकेगा।
नए सत्र की इस कार्ययोजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की बात भी कही गई है।
इसके तहत सिलाई, टैक्सटाइल प्रिंटिंग, food प्रोसेसिंग और आईटी सेवाओं से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्सेज निशुल्क आयोजित करवाए जाएंगे। इन कोर्सेज के माध्यम से जो महिलाएं पूंजी के अभाव में बड़ा उद्योग नहीं लगा सकतीं, वे अपने घर से ही लघु कुटीर उद्योग की शुरुआत कर स्वरोजगार से सम्मानपूर्वक जुड़ सकेंगी।
बैठक के अंतिम चरण में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मार्गदर्शकों ने नई टीम को बधाई देते हुए सामूहिक टीम वर्क के साथ कार्य करने की सलाह दी है।
सभी सदस्यों ने भरोसा जताया कि लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई का गठन हुई यह नई कार्यकारिणी भीलवाड़ा के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। आखिरकार, लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई का गठन होने के इस बड़े कदम के बाद जिले भर के व्यापारिक संगठनों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक बेहद सकारात्मक और नई लहर दौड़ गई है।
यह औद्योगिक संगठन के नए दायित्वों की घोषणा और प्रशासनिक कार्ययोजना से जुड़ी समाचार रिपोर्ट लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा महिला इकाई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट, पदाधिकारियों के बयानों और स्थानीय व्यापारिक संवाददाताओं से प्राप्त प्राथमिक विवरणों पर आधारित है। सांगठनिक नियमों, सरकारी उद्योग सब्सिडी और बैंक लोन प्रक्रियाओं का अंतिम वित्तीय निर्धारण पूरी तरह से केंद्र व राज्य सरकार के नियमों और संबंधित संस्थानों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस समाचार जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।