खबर का असर: चित्तौड़गढ़ साडास सीएचसी में नर्सिंग स्टाफ के शोषण पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, डॉ. जगरिया कार्यमुक्त, स्टाफ को मिला न्याय।
खबर का असर
चित्तौड़गढ़ के गंगरार ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साडास में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अत्यंत संवेदनशील रहा है। चिकित्सालय में तैनात एएनएम और संपूर्ण स्टाफ ने चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. मुक्तेश जगरिया पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। कार्यस्थल पर असुरक्षित माहौल के खिलाफ प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है।
महिला एएनएम सुनीता देवी सहित संपूर्ण स्टाफ ने प्रभारी डॉ. मुक्तेश जगरिया पर पिछले दो वर्षों से मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित एएनएम ने राजस्थान नर्सिंग यूनियन को अपना दर्द साझा करते हुए लिखा था कि, "इस अमानवीय व्यवहार के कारण मैं अब आत्महत्या करने पर मजबूर हो गई हूँ।" खबर का असर यह हुआ कि अब गरिमामय कार्यस्थल की मांग प्रमुखता से उठी है।
अस्पताल स्टाफ की शिकायत के अनुसार डॉ. जगरिया न केवल अभद्र व्यवहार कर रहे थे, बल्कि सरकारी कार्यों में भी बाधा डाल रहे थे। स्टाफ का आरोप था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की महत्वपूर्ण योजना एचपीवी वैक्सीनेशन के दौरान डॉक्टर अभिभावकों को डराते थे। डॉक्टर कथित तौर पर कहते थे कि, "यह वैक्सीन आप अपनी जिम्मेदारी पर लगवाना, मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है, तुम लोग केवल टारगेट पूरा करने के चक्कर में इन बच्चियों की जान ले लोगे।"
स्टाफ ने बताया कि इस गंभीर मसले की सूचना सीएमएचओ को भी दी गई थी। उनका कहना था कि, "सीएमएचओ साहब हर बार आरोपी डॉक्टर को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।" वहीं दूसरी ओर, डॉक्टर अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर स्टाफ को डराते रहे थे। अस्पताल का पूरा स्टाफ दो महीनों से वेतन के लिए जूझ रहा था क्योंकि डॉक्टर जानबूझकर उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे।
रेक्स टीवी इंडिया द्वारा इस संवेदनशील मामले को "नर्सिंग कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग"[ख़बर] हैडलाइन के साथ प्राथमिकता से प्रकाशित/प्रसारित किए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। खबर का असर इतना प्रभावी रहा कि 24 घंटे से भी कम समय में प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए डॉ. मुक्तेश जगरिया को साडास सीएचसी से कार्यमुक्त कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चित्तौड़गढ़ द्वारा जारी आदेशानुसार अब डॉ. मनु अग्रवाल को साडास सीएचसी का नया प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साडास के समस्त नर्सिंग स्टाफ द्वारा रेक्स टीवी इंडिया एवं राजस्थान नर्सेज यूनियन प्रदेश अध्यक्ष तथा संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति के संयोजक नूर मोहम्मद खान का आभार व्यक्त किया गया। बता दें कि संयोजक नूर मोहम्मद खान ने ही पत्रों की प्रति रेक्स टीवी इंडिया को उपलब्ध कराई थी जिनके आधार पर ही रेक्स टीवी इंडिया द्वारा इस खबर को प्रभावी तरीके से प्रकाशित/प्रसारित किया गया।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य महकमे में व्याप्त नकारात्मकता को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रशासनिक कारणों से हुए इस बदलाव के बाद अब साडास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यस्थल का माहौल सुधारने की उम्मीद जगी है। चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और खबर का असर यह रहा कि कार्य संस्कृति को बहाल करने के लिए यह प्रशासनिक निर्णय आवश्यक था। अब वहां पदस्थ नर्सिंग स्टाफ राहत की सांस ले रहा है।
नर्सिंग कर्मियों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार के प्रकरण ने यह साबित कर दिया है कि जब कर्मचारी एकजुट होते हैं और मीडिया सक्रियता दिखाता है, तो न्याय सुनिश्चित होता है। राजस्थान नर्सिंग यूनियन की चेतावनी और स्टाफ के सामूहिक संघर्ष ने अंततः सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उम्मीद है कि नवनियुक्त प्रभारी डॉ. मनु अग्रवाल के नेतृत्व में अस्पताल में सुचारू स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः पटरी पर लौटेंगी और खबर का असर सुरक्षित वातावरण के रूप में दिखेगा।
यह रिपोर्ट प्राप्त तथ्यों और आधिकारिक आदेशों के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशक/संपादक का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को प्रशासन के संज्ञान में लाना है। रिपोर्ट में कही गई सभी बातें संबंधित कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और विभागीय आदेशों पर आधारित हैं।