आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल ने पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था कर अनूठी पहल की है। परिंडे लगाकर भीषण गर्मी में दिया जीवनदान।
माहेश्वरी महिला मंडल
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा भीषण गर्मी के इस दौर में बेजुबान पक्षियों के संरक्षण हेतु एक बहुत ही सराहनीय पहल की गई है। संगठन की अध्यक्ष प्रेम सुधा एवं सचिव सुनीता ईनाणी के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 40 परिंडे स्थापित किए गए हैं। गर्मी के बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों के बीच यह प्रयास पक्षियों के जीवन को बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक साबित हो रहा है।
गर्मी के मौसम में पानी के प्राकृतिक स्रोत सूखने लगते हैं, जिससे पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए घंटों संघर्ष करना पड़ता है। अध्यक्ष प्रेम सुधा ने बताया कि, "तेज गर्मी में पक्षियों के लिए पानी और दाना जुटाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिससे उनके जीवन पर गहरा संकट मंडरा रहा है।" इसी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए संगठन ने समय रहते यह मानवीय अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
सचिव सुनीता ईनाणी ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि केवल परिंडे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि, "लगाए गए सभी 40 परिंडों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी और दाना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हमारी संगठन की महिलाएं ही निभाएंगी।" यह निरंतरता ही इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी विशेषता है, ताकि पक्षी किसी भी दिन पानी के लिए न भटकें।
आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल के इस नेक कार्य में संगठन की सदस्यों ने पूरी ऊर्जा के साथ योगदान दिया है। इसमें डॉ. राखी राठी, प्रीति चांडक, सुमन चौधरी, गोरी जागेटिया, संगीता काखानी, शीतल बिरला, कविता समदानी, शीतल अजमेरा, विद्या अजमेरा, उषा तोतला, पिंकी जगेटिया एवं मान कंवर काबरा ने सक्रिय भाग लिया। इन महिलाओं ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि छोटे प्रयास भी बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
संगठन की सदस्यों ने आमजन से भी विनम्र अपील की है कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी और आस-पास के छायादार स्थानों पर पानी के पात्र जरूर रखें। उन्होंने कहा कि, "छोटे-छोटे प्रयासों से हम पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा में बड़ा योगदान दे सकते हैं।" जीव सेवा को धर्म का हिस्सा मानते हुए उन्होंने सभी से इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाने का आग्रह किया है ताकि कोई पक्षी प्यासा न रहे।
आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल का यह कार्य केवल पक्षियों को पानी पिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर संदेश है। पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और घटते पेड़ों के कारण पक्षियों को भोजन और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय संगठनों का आगे आना समाज की संवेदनशीलता को दर्शाता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा देता है।
भीषण गर्मी का पारा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है, जिससे न केवल मनुष्य बल्कि बेजुबान पशु-पक्षी भी त्रस्त हैं। ऐसी कठिन परिस्थितियों में आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल की ओर से शुरू किया गया यह अभियान न केवल पक्षियों को जीवनदान दे रहा है, बल्कि समाज में जीव दया की भावना को भी प्रबल कर रहा है। आने वाले दिनों में संगठन इस अभियान को और अधिक विस्तार देने की योजना बना रहा है ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
यह रिपोर्ट प्राप्त तथ्यों और आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशक/संपादक का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को प्रशासन के संज्ञान में लाना है। रिपोर्ट में कही गई सभी बातें संबंधित महिला संगठन के सदस्यों द्वारा दी गई जानकारी और उनके मानवीय प्रयासों पर आधारित हैं।