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एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया पाकिस्तान समर्थित एजेंट को

एनआईए ने कोलकाता में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित एजेंट को पकड़ा है। भारत विरोधी साजिश के चलते इसे एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भारत विरोधी साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक बड़े अभियान के तहत जफर रियाज को पकड़ा है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। जफर रियाज उर्फ रिजवी कोलकाता का रहने वाला है और लंबे समय से देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को भेज रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिससे सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी का पता चलता है।

लुकआउट सर्कुलर और गिरफ्तारी

आरोपी के खिलाफ पहले ही एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। वह लगातार कानून से बच रहा था, जिसके चलते उसे भगोड़ा अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया चल रही थी। जब उसे एनआईए ने हिरासत में लिया, तब वह अपनी गिरफ्तारी को टालने की कोशिश में था। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है, वह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बेहद आवश्यक और कड़ा कदम है।(1)

पाकिस्तानी लिंक और साजिश

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक पाकिस्तानी महिला से शादी की थी और उसके बच्चे भी पाकिस्तानी नागरिक हैं। जफर रियाज 2005 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच अक्सर यात्राएं कर रहा था। एजेंसी का मानना है कि "पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने उसे भारत में जासूसी गतिविधियों के बदले वित्तीय लाभ और पाकिस्तानी नागरिकता देने का वादा करके अपनी तरफ मिला लिया था।" यह पूरी घटना तब सामने आई जब एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया इस संदिग्ध आरोपी को।

डिजिटल नेटवर्क का दुरुपयोग

आरोपी ने अन्य जासूसों की मदद के लिए भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी तक साझा किए थे। इन ओटीपी का उपयोग करके पाकिस्तानी हैंडलर्स ने व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय किए थे। इन खातों का उपयोग मोतीराम जाट नामक एक अन्य आरोपी से संपर्क करने के लिए किया जाता था। मोतीराम भी लगातार पाकिस्तानी अधिकारियों को संवेदनशील जानकारियां दे रहा था। इस तरह के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है इस पूरे गिरोह से जुड़े लोगों को।

जांच और राजनीतिक संदर्भ

वर्तमान में एनआईए इस पूरे जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। एजेंसी इस बड़ी साजिश के हर पहलू को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद से ही राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसी गई है। पुलिस असामाजिक तत्वों के खिलाफ सक्रिय है। राज्य में तय नियमों को तोड़ने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है।

राष्ट्र की सुरक्षा पर प्रहार

जफर रियाज का अतीत भी दागी रहा है, क्योंकि उसे पहले भी जासूसी के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था और लगातार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा था। ऐसे तत्वों का खात्मा देश की अखंडता के लिए जरूरी है। इस मामले में जिस तरह से एनआईए ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है, उससे स्पष्ट है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

डिस्क्लेमर: 

यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से संकलित है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी की सटीकता के लिए पूरी जिम्मेदारी लेते हैं, हालांकि किसी भी प्रकार के कानूनी या अन्य परिणामों के लिए संस्था उत्तरदायी नहीं होगी। इस रिपोर्ट का उद्देश्य केवल जनहित में सूचना साझा करना है।

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