जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग घटनाओं में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार बरामद कर एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है।
बरामद ड्रग्स और हथियार
जम्मू कश्मीर में सीमा पार से हो रही नापाक गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार को नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो अलग-अलग अभियानों में नशीले पदार्थों और हथियारों की बड़ी खेप बरामद की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से भारत को अस्थिर करने के प्रयासों को रोकने में एक बड़ा कदम है।[1]
पूंछ जिले के बालकोट सेक्टर में सेना ने एक तलाशी अभियान के दौरान दो बैग बरामद किए, जिनमें नशीले पदार्थ और एक चीनी निर्मित पिस्तौल मिली है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह खेप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर तस्करों द्वारा सीमा पार से फेंकी गई थी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि जिस सक्रियता और मुस्तैदी के साथ एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है, उससे घाटी में हिंसा फैलाने के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
बरामद की गई सामग्री का उपयोग जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित करने और क्षेत्र की शांति को भंग करने के लिए किया जाना था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना बयान साझा करते हुए कहा कि "यह नार्को-आतंकवाद के एक बड़े तंत्र का हिस्सा है। दवाओं के साथ हथियारों की बरामदगी स्पष्ट रूप से ओवरग्राउंड वर्कर्स को हथियारबंद करने और उन्हें वित्तपोषित करने के प्रयास की ओर इशारा करती है।" इसलिए ही एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है ताकि युवाओं को कट्टरपंथ से बचाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ईशनाह क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने तीन किलोग्राम हेरोइन का एक पैकेट बरामद किया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि रात के अंधेरे में पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा इसे गिराया गया था। बरामदगी के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और तस्करों के स्थानीय संपर्कों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। तकनीकी निगरानी प्रणालियों के माध्यम से ड्रोन के उड़ान पथ का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है, उस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके।
सीमा पार से संचालित ड्रग सिंडिकेट्स पर अब लगातार दबाव बढ़ रहा है क्योंकि घाटी में आतंकवाद के लिए नई भर्तियों में भारी गिरावट आई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "आतंकवाद में कमी आने के बाद सीमा पार बैठे ड्रग सिंडिकेट्स हताश हैं। वे अब नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन और सीमा पार के कूरियर का उपयोग कर रहे हैं।" ऐसी ही चालाकियों को भांपकर एनआईए ने नार्को-आतंकी साजिश को नाकाम किया है।
जब्त किए गए नशीले पदार्थों और हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जबकि दोनों घटनाओं की गहन जांच जारी है। सुरक्षा बलों की यह सतर्कता न केवल सरहद की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि आंतरिक शांति को भी बनाए रखती है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले में जुड़े हर छोटे-बड़े लिंक की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी दुस्साहसिक घटना को अंजाम देने से पहले ही उसे पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
यह रिपोर्ट विभिन्न समाचार एजेंसियों से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी परिस्थिति में समबन्धित विभागों अथवा एजेंसियों की अधिकारिक रिपोर्ट को ही मान्य समझा जाएगा। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए जाने वाले किसी भी निर्णय अथवा होने वाले परिणाम के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।