राजसमंद में महिला अधिकारों पर आधारित वेब फिल्म बंजर का प्रदर्शन हुआ। इस फिल्म ने सामाजिक जागरूकता और महिलाओं के सम्मान हेतु एक नई मिसाल पेश की है।
टीम के साथ फिल्म देखते जिला कलेक्टर
राजसमंद (शिंभु सिंह शेखावत)। राजसमंद जिले में हाल ही में महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक विशेष आयोजन संपन्न हुआ। यहाँ महिला अधिकारों पर आधारित वेब फिल्म बंजर का आधिकारिक प्रदर्शन जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा के साथ फिल्म निर्माता दल ने एक साथ देखा। इस दौरान जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इस रचनात्मक और सामाजिक प्रयास की गंभीरता को और अधिक बढ़ा दिया।
कलेक्टर कार्यालय में लाइव प्रसारण कार्यक्रम में एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा और एसडीएम बृजेश गुप्ता सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। फिल्म के संदेश को जिला प्रशासन द्वारा सराहा जाना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर कला के माध्यम से सुधार लाने की कोशिशें कितनी प्रभावी हैं। सभी अधिकारियों ने फिल्म की तकनीकी बारीकियों और उसके गहरे सामाजिक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की।
फिल्म की प्रशंसा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि "इस प्रकार की फिल्में समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनती हैं तथा महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।" उन्होंने फिल्म निर्माण से जुड़े दल की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में जमीनी हकीकत को पर्दे पर उतारना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।
निर्देशक मनोज पोरवाड़ ने बताया कि साउंड ऑफ लाइफ मल्टीमीडिया द्वारा प्रस्तुत महिला अधिकारों पर आधारित वेब फिल्म बंजर का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर एक ठोस विमर्श पैदा करना है। फिल्म में ग्रामीण परिवेश की सामाजिक परिस्थितियों और महिलाओं की चुनौतियों को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से फिल्माया गया है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।
इस लघु वेब फिल्म में मंजुला भटनागर, रमेश चंदेल, पंकज कुमारी, डॉ. जगदीश जीनगर और सूर्या पांचाल जैसे कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया है। इनके अलावा फतेह सिंह राव, कुमार दिनेश और गुलाबी देवी ने भी फिल्म के किरदारों में जान फूँक दी है। फिल्म की पटकथा से लेकर निर्देशन तक का जिम्मा मनोज पोरवाड़ ने संभाला है, जिन्होंने हर पात्र को बहुत बारीकी से गढ़ा है।
फिल्म के निर्माण में महेंद्र कुमावत के कला निर्देशन और ममता टेलर के मेकअप ने ग्रामीण पृष्ठभूमि को यथार्थवादी बना दिया है। शाहिद शाह के छायांकन और चैतन्य भट्ट के बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म की भावनात्मक गहराई को और बढ़ा दिया है। फिल्म निर्माण प्रक्रिया में प्रेम शंकर भट्ट और गीता देवी जैसे कई अनुभवी लोगों का योगदान रहा है, जिन्होंने इसे एक सफल प्रोजेक्ट बनाने में मदद की।
आज के डिजिटल युग में वेब फिल्मों के जरिए समाज में बदलाव लाने की पहल तेजी से बढ़ रही है। महिला अधिकारों पर आधारित वेब फिल्म बंजर इसी दिशा में एक साहसी कदम है जो न केवल महिलाओं के संघर्षों को दिखाती है, बल्कि उन्हें न्याय दिलाने के प्रति समाज को भी जागरूक करती है। ऐसी फिल्में भविष्य में स्थानीय कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद करेंगी।
यह फिल्म राजस्थानी लोक परिवेश को आधुनिक सामाजिक विमर्श के साथ जोड़ती है। कला का उपयोग जब सामाजिक चेतना के लिए किया जाता है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। फिल्म की टीम ने इसे बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और स्थानीय स्तर पर समर्थन मिलने से पूरी टीम का उत्साह बढ़ा है। उम्मीद है कि यह फिल्म राज्य भर में महिला सशक्तिकरण का एक प्रमुख पर्याय बनेगी।
इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी केवल फिल्म के प्रदर्शन संबंधित उपलब्ध कराए गए तथ्यों पर आधारित है। फिल्म में दिखाए गए दृश्य, पात्र और संवाद पूरी तरह से निर्माता की रचनात्मक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं, जिसका इस प्लेटफार्म से कोई संबंध नहीं है। इस रिपोर्ट में दी गई सामग्री के आधार पर लिए गए किसी भी व्यक्तिगत या सामाजिक निर्णय के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।