सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी के तहत इंफाल में भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इस ऑपरेशन में दो उग्रवादियों को पकड़ा गया।
हथियारों का जखीरा बरामद
सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी तब सामने आई जब मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान हथियारों का एक विशाल जखीरा बरामद किया गया। लामदेंग क्षेत्र में पुलिस द्वारा की गई इस प्रभावी कार्रवाई ने उग्रवादी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। यह ऑपरेशन राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो रहा है।
इंफाल पूर्व के पुलिस अधीक्षक शिवानंद सर्वे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि "मणिपुर पुलिस ने लामसांग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लामदेंग में 25 मई 2026 को एक विशेष अभियान शुरू किया था।" इस दौरान सुरक्षा बलों ने एक इंसास एलएमजी, तीन मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन घातक हथियारों के मूल स्रोत की जांच की जा रही है।(1)
जब पुलिस टीम गिरफ्तार उग्रवादियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तभी उग्रवादियों के साथियों ने सुरक्षा बलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। "सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच हुई संक्षिप्त मुठभेड़ में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई," जिसके बाद आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी बढ़ा दी है।
हाल के महीनों में विभिन्न संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों ने अपने तलाशी अभियानों को और अधिक तेज कर दिया है। पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए ये घातक हथियार किसी बड़ी साजिश से जुड़े हो सकते हैं, जिनका उपयोग राज्य की शांति को खतरे में डालने के लिए किया जाना था। सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी ने इस खतरे को टाल दिया है और सुरक्षा एजेंसियां अब पूरी तरह सतर्क हैं।
Imphal, Manipur: Security forces in Manipur recovered a large cache of arms and ammunition during an operation in Lamdeng, Imphal West district pic.twitter.com/wongcHRjOX
— IANS (@ians_india) May 21, 2026
राज्य में शांति बहाल करने के लिए स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार छापेमारी कर रहे हैं। लामसांग थाना पुलिस अब पकड़े गए उग्रवादियों से पूछताछ कर उनके अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग जुटा रही है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि बरामद हथियारों के पिछले रिकॉर्ड और तस्करी के रास्तों की तकनीकी जांच जारी है, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं को जड़ से खत्म किया जा सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की इस समयबद्ध कार्रवाई से उन्हें राहत महसूस हुई है। हालांकि, छिटपुट मुठभेड़ की घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार अशांत क्षेत्रों में हथियार रखने वालों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। अंततः, सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी कानून का शासन स्थापित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
यह रिपोर्ट सुरक्षा घटनाक्रम और स्थानीय पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयानों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों या अपराध के लिए संबंधित स्थानीय पुलिस थानों से संपर्क करें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या होने वाले परिणाम के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।