यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस के भीषण हवाई हमला करने से भारी तबाही हुई है, जिसमें दस लोग घायल हुए और कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
रूस-युक्रेन युद्ध - File Photo : Internet
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रविवार की रात रूस ने एक बार फिर भीषण हवाई हमला किया है। मिसाइलों और ड्रोन्स की गड़गड़ाहट से पूरा शहर थर्रा उठा। सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और रिहायशी इमारतों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम दस लोग घायल हुए हैं और कई स्थानों पर भारी तबाही देखी गई है।
कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि राजधानी के नौ जिलों में तबाही दर्ज की गई है। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शेवचेंको जिले में एक स्कूल की इमारत को सीधा निशाना बनाया गया। "धमाके के वक्त लोग स्कूल में बने बंकर में शरण लिए हुए थे," मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया। इस हमले ने शहर के सुपरमार्केट और गोदामों को भी मलबे में बदल दिया है।
रातभर हवाई हमले के सायरन बजते रहे और सूरज उगने तक रूसी मिसाइलों का खतरा बरकरार रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने शहर के मध्य हिस्से में बेहद शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनीं। क्षेत्रीय गवर्नर मायकोला कलाशनिक ने कहा कि कीव के आसपास के अन्य इलाकों में भी बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है। यह भीषण हवाई हमला यूक्रेन के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में सामने आया है।[1]
इस हमले के ठीक पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस द्वारा हाइपरसोनिक 'ओरेश्निक' बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल की चेतावनी दी थी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दावों के अनुसार, यह मिसाइल मैक 10 की रफ्तार से चलती है और जमीन के नीचे गहरे बंकरों को नष्ट करने में सक्षम है। "यह मिसाइल किसी भी डिफेंस सिस्टम को भेद सकती है," पुतिन ने इसे पारंपरिक हथियारों में सबसे विध्वंसक करार दिया है।
नवंबर 2024 में निप्रो शहर पर पहली बार इस मिसाइल का उपयोग किया गया था। तब से यह यूक्रेन के लिए एक बड़ा खौफ बन गई है। यह मिसाइल ध्वनि की गति से दस गुना तेज चलती है, जिसे 'उल्कापिंड' की तरह गिरते हुए बताया जाता है। इस हमले में इसी मिसाइल का उपयोग हुआ है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है, लेकिन इसके इस्तेमाल की आशंका मात्र से ही कीव में दहशत का माहौल है।
रूस के इस भीषण हवाई हमला अभियान ने यूक्रेन की रक्षा तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बंकरों में बैठे लोगों का घायल होना इस बात का प्रमाण है कि रूसी मिसाइलें कितनी घातक हैं। वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलकों में इस हमले की कड़ी निंदा हो रही है। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को अधिक आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने पर चर्चा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में होने वाले हमलों को रोका जा सके।
युद्ध की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और कीव के लोग अब प्रत्येक रात भय में बिताने को मजबूर हैं। रूस का कहना है कि यह उसके सैन्य अभियानों का हिस्सा है, जबकि यूक्रेन इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहा है। कीव की सड़कों पर मलबे का ढेर और बचाव कर्मियों की भागदौड़ इस युद्ध की विभीषिका को बयां कर रही है। आमजन अब केवल त्वरित अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।
अंत में, कीव पर हुआ यह हमला दिखाता है कि युद्ध कितना क्रूर हो सकता है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को शांतिपूर्ण वार्ता से सुलझाना अब अनिवार्य हो गया है। इस भीषण हवाई हमला के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ गया है कि वे रूस को कूटनीतिक रूप से रोकें। यदि उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी तबाही का दायरा और भी व्यापक हो सकता है।
इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा जारी बयानों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। युद्ध क्षेत्र की स्थिति परिवर्तनशील है। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।