राज्य के 19 जिलों में लू के प्रकोप के चलते नौतपा से पहले ही तप रहा है राजस्थान। भीषण गर्मी के चलते प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
राजस्थान में मौसम का मिजाज इस समय बेहद गर्म बना हुआ है। लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है क्योंकि नौतपा से पहले ही तप रहा है राजस्थान। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में पारा लगातार 46 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 4 दिनों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें लू का असर और अधिक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
शनिवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। फलोदी, बाड़मेर और बीकानेर जैसे जिलों में भी लू का प्रचंड असर है। "पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में सीवियर हीटवेव का असर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है," जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं।
जयपुर में शनिवार को धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन इससे तापमान में कोई राहत नहीं मिली। दिन का अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक और सवाई माधोपुर में भी हल्की ओलावृष्टि व बारिश के बाद भी उमस ने परेशानी बढ़ा दी है। अजमेर और जोधपुर जैसे शहरों में भी तेज गर्म हवाओं का दौर लगातार जारी है।[1]
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में यूवी इंडेक्स (UV Index) बेहद ऊंचा रहेगा, जो सेहत के लिए हानिकारक है। तेज धूप के कारण डिहाइड्रेशन, त्वचा की जलन और लू लगने (हीटस्ट्रोक) का खतरा बढ़ गया है। लोगों को दोपहर 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। नौतपा से पहले ही तप रहा है राजस्थान, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
अगले 24 घंटों के लिए राज्य के 19 जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट लागू है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में कूलिंग वार्ड्स की व्यवस्था और ओआरएस की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। गर्मी के चलते वार्म नाइट की स्थिति भी चिंताजनक है, जिससे रात के समय भी तापमान में गिरावट नहीं हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सीधी धूप से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सभी कलेक्टरों को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और लू प्रभावित क्षेत्रों में विशेष नजर रखने को कहा गया है। "तेज धूप और लू का असर और बढ़ने की चेतावनी दी गई है," जिसका संज्ञान लेते हुए आपदा प्रबंधन टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। कामगारों को दोपहर के समय काम न करने की हिदायत दी गई है।
यह स्थिति तब है जब अभी तक पारंपरिक नौतपा का समय भी नहीं आया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती इस गर्मी का असर आगामी खरीफ फसलों पर भी पड़ सकता है। प्रदेश में आर्द्रता कम होने के कारण शुष्क हवाएं तपन बढ़ा रही हैं। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि नौतपा से पहले ही तप रहा है राजस्थान और प्रशासन लगातार इस पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।
अंत में, राजस्थान के नागरिकों से अपील है कि वे स्वयं को इस भीषण गर्मी से बचाएं। अधिक से अधिक जल का सेवन करें और हल्के सूती वस्त्रों का उपयोग करें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान दें, ताकि सुरक्षित रहा जा सके। आपकी सतर्कता ही इस कठिन समय में सबसे बड़ी ढाल है। स्वस्थ रहें और गर्मी के प्रकोप से बचें।
इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और आधिकारिक समाचार सूत्रों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। अत्यधिक गर्मी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।