हैदराबाद के मेड़चल में आईएसआई समर्थक युवक गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी से जुड़ने की कोशिश में था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
तेलंगाना के मेड़चल जिले में एक चौकाने वाले मामले में आईएसआई समर्थक युवक गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जायद खान, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है, हैदराबाद के एक होटल में काम कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के समर्थकों के साथ लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, जायद खान एक दोस्त के जरिए हैदराबाद आया था और मेड़चल स्थित मुबारक होटल में कार्यरत था। अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते वह सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आ गया था। पकड़ा गया युवक अपनी रील और पोस्ट के माध्यम से असामाजिक तत्वों के साथ जुड़ने का प्रयास कर रहा था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक पाया गया है।[1]
आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर टॉय गन के साथ रील देखने के बाद, हबीब और राणा हुसैन नामक दो आईएसआई समर्थकों ने उससे संपर्क साधा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि "सोशल मीडिया पर लगातार रील लाइक करके उन्होंने जायद का भरोसा जीता और उसे अपने जाल में फंसा लिया जिससे आईएसआई समर्थक युवक गिरफ्तार हो गया।" आरोपी ने भी उनकी प्रोफाइल को फॉलो करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद उन्हें असली हथियार भेजने का प्रलोभन दिया गया।
तेलंगाना काउंटर-इंटेलिजेंस पुलिस ने उसकी गतिविधियों को भांपते हुए काफी समय तक निगरानी की। अंततः, मेड़चल पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसे होटल से गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल फोन की जांच में आपत्तिजनक चैट, स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं, जो उसके इरादों की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने उसके पास से दो नकली पिस्टल भी बरामद की हैं, जिन्हें वह प्रभाव दिखाने के लिए इस्तेमाल करता था।
गिरफ्तारी के बाद जायद खान को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में चेरलापल्ली जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसके साथ काम करने वाले अन्य लोग भी इस राष्ट्रविरोधी साजिश में शामिल हैं। मेड़चल पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से अब होटल और आसपास के क्षेत्रों में सत्यापन अभियान को तेज कर दिया गया है।
इसी बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक अन्य मामले में जफर रियाज नामक संदिग्ध जासूस को गिरफ्तार किया है। जफर रियाज कोलकाता का रहने वाला है और उस पर पाकिस्तान के इंटेलिजेंस ऑफिसर्स को संवेदनशील सुरक्षा जानकारी भेजने का आरोप है। जफर रियाज का संबंध पाकिस्तान से रहा है और उसकी पत्नी व बच्चे भी वहीं के नागरिक हैं, जो इस पूरे मामले को एक अंतरराष्ट्रीय साजिश से जोड़ता है।
एनआईए की जांच में यह खुलासा हुआ है कि जफर रियाज 2005 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार यात्रा कर रहा था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और यूएपीए (UAPA) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि वह पहले भी जासूसी के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था।
आरोपी जफर रियाज के पकड़े जाने से देश की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वह लंबे समय से फरार था और उसे घोषित अपराधी घोषित करने की कार्यवाही भी चल रही थी। यह मामला स्पष्ट करता है कि भारत के खिलाफ की जा रही एंटी-इंडिया आतंकी साजिशों में किस तरह के नेटवर्क सक्रिय हैं। सरकार और एजेंसियां ऐसे किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं।
दोनों ही मामलों में पकड़े गए संदिग्धों ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया किस तरह से कट्टरपंथ के लिए एक माध्यम बनता जा रहा है। आईएसआई समर्थक युवक गिरफ्तार होने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की मॉनिटरिंग और बढ़ा दी है। साइबर सेल की टीमें लगातार ऐसे अकाउंट्स की पहचान कर रही हैं जो युवाओं को बरगलाने का काम करते हैं।
पुलिस विभाग का कहना है कि स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक होना चाहिए। आईएसआई समर्थक युवक गिरफ्तार होने के बाद होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों का वेरिफिकेशन पुलिस द्वारा अनिवार्य रूप से किया जा रहा है। सुरक्षा से जुड़ा कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें ताकि देश विरोधी मंसूबों को समय रहते रोका जा सके।
इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी पुलिस और एनआईए द्वारा साझा किए गए प्राथमिक विवरणों पर आधारित है। यह रिपोर्ट केवल जनहित में सूचना साझा करने के लिए तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में प्रस्तुत विवरण के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं होंगे।