हनुमान भक्त मंडल द्वारा आयोजित 56 भोग एवं भक्ति संगम के पोस्टर का विमोचन। भीलवाड़ा में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में होगा विशेष धार्मिक आयोजन।
पोस्टर विमोचन
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा के संजय कॉलोनी स्थित चारभुजा नाथ मंदिर में हनुमान भक्त मंडल द्वारा आयोजित आगामी कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। मंडल के संयोजक आशीष झंवर ने बताया कि यह आयोजन सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और धार्मिक आस्था को समर्पित है।
आगामी 31 मई 2026, रविवार को नामदेव मंदिर, संजय कॉलोनी में भव्य 56 भोग एवं भक्ति संगम का आयोजन होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में शहर के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर मंडल के कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह है और तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत रविवार को शाम 6 बजे ठाकुर जी के मधुर भजनों के साथ होगी। इसके बाद शाम 7 बजे ठाकुर जी की विशेष आरती की जाएगी और 56 भोग का आयोजन किया जाएगा। श्रीनाथ जी की तर्ज पर तैयार किया गया यह 56 भोग इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा, जो भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बनेगा।
मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन धर्म की समृद्ध परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इस आयोजन के दौरान भक्ति का अनूठा समागम देखने को मिलेगा जो श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।
धार्मिक कार्यक्रमों की इसी श्रृंखला में शाम 7.30 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ होगा। यह पाठ देर रात तक चलेगा। सुंदरकांड का पाठ सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है, जो श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
मंडल के कार्यकर्ताओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है। रवि कुदाल, सत्यनारायण नथिया, राकेश सोमानी, सुरेश छापरवाल, राधा डोडिया, राजेंद्र जैन, प्रहलाद गर्ग, सुभाष त्रिपाठी, सुरेंद्र बुलिया और देवीलाल माली सहित मंडल के कई सदस्य इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पोस्टर विमोचन के अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मंडल की ओर से सभी समाजजनों और कार्यकर्ताओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का विनम्र निवेदन किया गया है। स्थानीय सदस्यों का सहयोग इस कार्यक्रम की भव्यता को बढ़ाएगा।
यह 56 भोग एवं भक्ति संगम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक है। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम की सफलता के लिए समर्पित भाव से जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भक्ति के इस उत्सव का पूर्ण आनंद मिल सके।