विटामिन ए खुराक अभियान का 50 वाँ चरण शुक्रवार से शुरू होगा। जिसमे 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
विटामिन ए खुराक अभियान का 50 वाँ चरण प्रदेश भर में शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। यह स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान आगामी 29 मई से 29 जून 2026 तक महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर समन्वित प्रयासों से संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य नौ माह से लेकर पाँच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से विटामिन ए की खुराक उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ जिला व उप जिला अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह खुराक हर छह माह के अन्तराल में देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।
इस चरण के दौरान लगभग 2,75,523 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे 29 जून तक अपने बच्चों को निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर यह खुराक अवश्य पिलवाएं। माइक्रो प्लानिंग को पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर तैयार किया गया है ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे।
जहाँ आंगनबाड़ी केन्द्र उपलब्ध नहीं हैं अथवा कार्यकर्ता और आशा का पद रिक्त है, वहाँ एएनएम द्वारा खुराक देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में चुनिंदा निजी अस्पतालों को भी इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल किया गया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने बताया, "आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 9 से 12 माह के बच्चों को विटामिन ए की बोतल के साथ आने वाले चम्मच द्वारा आधा चम्मच यानिकी 1 एमएल खुराक तथा 1 से 5 साल तक के बच्चों को पूरा चम्मच यानिकी 2 एमएल खुराक देगी।" यह खुराक बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ इस अभियान को सफल बनाने में जुटा हुआ है। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे स्वास्थ्य कर्मियों को पूरा सहयोग प्रदान करें। इस विशेष टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए घर-घर जाकर निगरानी और जागरूकता का कार्य भी किया जा रहा है।
विटामिन ए केवल एक सामान्य दवा नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए बड़े काम की दवा है। डॉ. तनेजा ने बताया, "विटामिन ए आखों की बीमारियों जैसे रतौंधी-अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है।" यह खुराक बच्चों को भविष्य की कई गंभीर समस्याओं से बचाने में सक्षम है।
इसके अलावा विटामिन ए के सेवन से दस्त एवं निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के घातक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आती है। इससे पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलती है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने के लिए यह अभियान एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
इस संपूर्ण अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विटामिन ए खुराक अभियान बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और निरोगी बनाने के लिए बेहद ज़रूरी है। सभी केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी स्थान पर कमी न हो।
अंततः यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि बच्चों की बेहतर सेहत के लिए विटामिन ए खुराक अभियान समय की मांग है। अभिभावकों को जागरूक होकर इस अभियान को सफल बनाना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य ही हमारे बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने का एकमात्र आधार है।
इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए स्थानीय चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय चूक या परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।