राजस्थान के अजमेर में चलती कार में लगी आग से कांग्रेस नेता सहित परिवार के चार सदस्यों की जलकर हुई मौत। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
चलती कार में लगी आग
चलती कार में लगी आग से हुई चार लोगों की मौत की दुखद घटना ने अजमेर जिले में मातम फैला दिया है। गुरुवार सुबह अराई रोड पर यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ, जब एक एसयूवी अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। कार में सवार कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी, उनकी पत्नी सुरज्ञान, उनकी माता पुसी देवी और भतीजी महिमा आग की चपेट में आ गए। दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही वाहन पूरी तरह राख में बदल चुका था।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, परिवार एक मेडिकल इमरजेंसी के चलते अस्पताल जा रहा था। पुसी देवी को सीने में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद रामसिंह चौधरी उन्हें लेकर निकले थे। बोराड़ा के पास अचानक गाड़ी के अंदर आग फैल गई। आग इतनी भयावह थी कि किसी भी यात्री को संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।[1]
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे एक बड़ी प्राथमिकता पर लिया है। अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस फिलहाल इस चलती कार में लगी आग की घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है। इसमें तकनीकी खराबी से लेकर किसी भी संभावित बाहरी साजिश तक की संभावना तलाशी जा रही है।
"घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है, जिसमें तकनीकी खराबी और अन्य सभी संभावित कोण शामिल हैं," पुलिस उपाधीक्षक आयुष वशिष्ठ ने बताया। पुलिस ने साफ किया है कि आग लगने के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और एफएसएल (FSL) की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। प्रशासन की ओर से फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर चलती कार में लगी आग की इस घटना को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं और अफवाहें भी चल रही हैं। कुछ लोग इसे शॉर्ट सर्किट का नतीजा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसमें किसी साजिश की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और जांच के आधिकारिक नतीजों का इंतजार करें। फिलहाल पूरा बोराड़ा क्षेत्र इस दुखद हादसे से स्तब्ध है।
अंतिम रूप से, चलती कार में लगी आग का यह मामला न केवल परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह वाहन सुरक्षा मानकों के प्रति भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों या तकनीकी कमियों के बारे में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। सरकार ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं और पुलिस को मामले का जल्द खुलासा करने का आदेश दिया है।