ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा, धार्मिक आयोजन से लौट रहे ग्रामीणों की गाड़ी पलटी। 6 की मौत, 22 घायल, अस्पताल में मचा हड़कंप।
ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा
(उमरिया-अनूपपुर, मध्य प्रदेश)। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा हुआ है, जिसने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है। धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना के बाद लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पुलिया पर पलट गई और उसमे बैठे यात्री पुलिया से नीचे जा गिरे। इस दर्दनाक घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 22 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के गिंजरी गांव के निवासी शुक्रवार को पूजा-अर्चना के लिए तिवनी जंगल गए थे। शाम को वापस लौटते समय करनपाथर थाना क्षेत्र के बिजौरा गांव के पास यह भीषण दुर्घटना हुई। ट्रॉली में करीब 50 लोग सवार थे, और पुलिया के किनारे पर ट्रोली के पलटने के कारण यात्री करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरे।[1]
दुर्घटना के तुरंत बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को पाली अस्पताल पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। खबर फैलते ही पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में जमा हो गई, जो देर शाम तक बनी रही।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही माना जा रहा है। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और प्रशासन को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया:
"मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सभी घायलों के लिए सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4 लाख रुपये और संबल योजना के तहत अतिरिक्त 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।"
घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। पुलिया पर अनियंत्रित होकर पलटने से यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई तकनीकी खराबी थी या फिर पूरी तरह चालक की चूक थी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर ट्रैक्टरों में सवार होकर यात्रा करते हैं। बिना सुरक्षा के भरी ट्रॉली मौत का जाल बन जाती है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे असुरक्षित वाहनों में यात्रा करने से बचें।
ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग सवारी ढोने के लिए करना गैर-कानूनी है, इसके बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में यह एक आम दृश्य है। जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा होने के मामले सामने आते रहेंगे। पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा मात्र एक सांत्वना है, लेकिन असली सुधार तभी आएगा जब लोग और प्रशासन दोनों इस पर गंभीर होंगे।
अंत में, पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी है। घायल व्यक्तियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, लेकिन 6 परिवारों का चिराग बुझ जाना एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या एक छोटी सी सावधानी के अभाव में हम अनमोल जिंदगियां दांव पर लगा रहे हैं।