जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक में बिजली, पानी और सीवरेज पर बड़े फैसले। अधिकारियों को मिला निर्देश, जनता की हर कॉल का हो समाधान।
जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक
(बीकानेर, राजस्थान)। जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक का आयोजन किया गया जिसमे स्थानीय विधायक जेठानंद व्यास ने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इस बैठक में बीकेईएसएल, सीवरेज एजेंसी टैक्नोक्राफ्ट, पीएचईडी और नगर निगम के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करना होगा।
बैठक के दौरान उन्होंने पारीक चौक में सीवरेज कार्य के दौरान जल रही पाइपलाइन और विद्युत लाइनों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि भविष्य में सीवरेज, पेयजल और विद्युत लाइनों को एक-दूसरे से अलग रखा जाए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को टाला जा सके। कार्य की गुणवत्ता और मानक चौड़ाई पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शहर में बनने वाली हर सड़क गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।
विधायक ने बीकेईएसएल के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की अघोषित बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। यदि रखरखाव या तकनीकी कारणों से कटौती आवश्यक हो, तो उपभोक्ताओं को इसकी सूचना पहले से दी जाए। ट्रांसफार्मर बदलने या खराबी की स्थिति में उसे तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए हैं ताकि लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी न हो।
इस दौरान विधायक ने विभाग को निर्देशित करते हुए कहा:
"प्रत्येक उपभोक्ता की कॉल का समयबद्ध और नियमसम्मत जवाब दिया जाना चाहिए। विभाग के कर्मचारियों का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति बेहतर और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए, ताकि आम जनता को प्रशासनिक कार्यों में असुविधा न हो।"
शहर में लटके ढीले तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को लेकर विधायक ने तुरंत सर्वे करवाने और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए उन्होंने नियमित रूप से विद्युत चौपाल आयोजित करने का सुझाव दिया। इससे उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सीधे संवाद से समस्याओं का समाधान संभव हो पाएगा।
क्षेत्रीय जवाबदेही तय करने के लिए विधायक ने प्रत्येक क्षेत्र के अधिकारियों की सूची आम जनता के साथ साझा करने को कहा है। जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में जनता को फौरी राहत मिल सके।
शहरी विकास की परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विधायक ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप होने चाहिए ताकि आमजन को लंबे समय तक उनका लाभ मिल सके। जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक से स्पष्ट है कि अब विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लानी होगी। विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
अंत में, यह बैठक जनहित में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। जनसमस्याओं पर विधायक की सख्त बैठक के बाद अब जनता को बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। यदि अधिकारी विधायक के निर्देशों का पालन करते हैं, तो शहर की प्रशासनिक व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे आम नागरिक का जीवन सुगम होगा।