निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा: निर्माण कार्य के दौरान भारी गर्डर नीचे गिरे, अधिकारियों की टीम जांच में जुटी, फिलहाल कोई हताहत नहीं।
निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा
(आनंद, गुजरात)। गुजरात के आनंद में निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा हुआ जिसने आज उस समय सबको सकते में डाल दिया जब निर्माण कार्य के दौरान अचानक भारी गर्डर नीचे आ गिरे। यह घटना एक गांव के समीप निर्माणाधीन पुल पर हुई, जिससे आसपास के इलाके में भारी हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या चोट की सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।[1]
पुल निर्माण के दौरान हुई इस बड़ी चूक ने सुरक्षा मानकों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल पर भारी मशीनों और सुरक्षाबलों की मौजूदगी ने स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल क्षेत्र को सुरक्षित घेरे में ले लिया गया है ताकि मलबे को हटाने और नुकसान का आकलन करने में कोई बाधा न आए। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है ताकि हादसे की तह तक पहुँचा जा सके।
Anand, Gujarat: A section of an under-construction railway bridge collapsed in Adas village of Gujarat’s Anand district, causing panic. Heavy girders fell during construction, but no casualties were reported. Railway and administrative officials rushed to the site to assess the… pic.twitter.com/iFyf630U11
— IANS (@ians_india) May 31, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से जांच के आदेश दिए हैं। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) अनुभव सक्सेना ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए अपनी बात रखी।
"एक वरिष्ठ अधिकारी समिति का गठन किया गया है जो इस घटना की जांच करेगी, इसके कारणों का निर्धारण करेगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी।"
आगे उन्होंने कहा:
"सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे हादसे के पीछे की लापरवाही का सटीक विवरण सामने आ पाएगा।"
घटना के तुरंत बाद प्रभावित इलाके में अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया। निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा की खबर फैलते ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई थीं। मलबे के नीचे किसी के दबे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू टीमें भी मौके पर पहुंची थीं। गनीमत रही कि निर्माण कार्य में लगे सभी श्रमिक सुरक्षित पाए गए। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को दूर रखने के लिए बैरिकेडिंग कर दी थी।
रेलवे विभाग द्वारा गठित की गई जांच समिति अब यह पता लगाएगी कि गर्डर गिरने के पीछे तकनीकी खराबी थी या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा ने निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों और देखरेख करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक उस खंड पर निर्माण कार्य को स्थगित रखा जा सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे को हटाकर यातायात और निर्माण क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। इस निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज हादसा के बाद अब निर्माण स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। आने वाले दिनों में रेलवे विभाग सुरक्षा नियमों को और अधिक कड़ा कर सकता है ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स के दौरान ऐसी चूक न हो।