राष्ट्रीय कवि चौपाल और पत्रकारों का सम्मान: 570वीं शृंखला में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष और व्यसन मुक्त जीवन के संकल्प का विशेष आयोजन।
राष्ट्रीय कवि चौपाल और पत्रकारों का सम्मान
(बीकानेर, राजस्थान)। बीकानेर में संपन्न हुई राष्ट्रीय कवि चौपाल की 570वीं शृंखला, राष्ट्रीय कवि चौपाल और पत्रकारों का सम्मान के संकल्प को केंद्र में रखकर आयोजित की गई। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 गौरवशाली वर्षों को नमन करने और 'व्यसन मुक्त जीवन' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बना। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार अली परिहार ने की, जबकि डॉ. हरिदास हर्ष, रवि पुरोहित, अज़ीज़ भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता और मनोज व्यास जैसे प्रबुद्धजनों ने मंच की गरिमा को बढ़ाया।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का 'चौथा स्तंभ' बताते हुए संयोजक रामेश्वर साधक ने ईद की मुबारकबाद दी और इसके दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कवि चौपाल और पत्रकारों का सम्मान का यह मंच इस बात का साक्षी है कि जब साहित्य और पत्रकारिता एक साथ मिलते हैं, तो वे समाज की भ्रांतियों को मिटाकर सत्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कार्यक्रम की मूल भावना के अनुरूप, इस आयोजन में पत्रकारों का विशेष सम्मान किया गया। अज़ीज़ भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता और मनोज व्यास को शॉल, श्रीफल व रत्न जड़ित मोतीयन माला से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी निर्भीक लेखनी और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक था। मुख्य अतिथि डॉ. हरिदास हर्ष ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा:
"वासुदेव तुम्हारे बिना पार्थ कुछ भी नहीं कर सकता, संसारी उत्तरदायित्व में वह मर भी नहीं सकता।"
विशिष्ट अतिथि रवि पुरोहित ने वर्तमान दौर की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए अपनी पंक्तियों से कलमकारों का हौसला बढ़ाया:
"जीवन अंधेरी गली बन जाता है जब, और हर मोड़ पर, खड़ा मिलता अनजाना भय।"
राष्ट्रीय कवि चौपाल के 12वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में संयोजक रामेश्वर साधक ने आगामी 573वीं शृंखला से प्रति सप्ताह कालजयी, दिग्विजयी और अनन्तविजयी सम्मान देने की घोषणा की, जो राजस्थानी भाषा व साहित्य की सेवा करने वालों के लिए समर्पित होगा। इस अवसर पर प्रमोद शर्मा, कासिम बीकानेरी, विजय कोचर, कैलाश टाक, शिव दाधीच, मेहराजुद्दीन, राधा किशन सोनी और पवन चड्ढ़ा सहित कुल 20 कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का संचालन शिव दाधीच बीकानेरी एवं बमचकरी भाई ने अपने चुटीले अंदाज में किया। कार्यक्रम में एकता सारण, सरोज गुप्ता, जयश्री तंवर, एडवोकेट उमा शर्मा, धर्मेंद्र राठोड़, सिराजुद्दीन भुट्टा, बाबू लाल सोनी, घनश्याम सौलंकी, किशन लाल, छोटू खां, भवानी सिंह शिवबाड़ी, साकिर पत्रकार, विनोद शर्मा, निशांत शर्मा, लक्ष्मण दास और देवेन्द्र कुमार सहित अनेक साहित्यानुरागी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय कवि चौपाल और पत्रकारों का सम्मान का यह आयोजन सत्य, साहित्य और पत्रकारिता की अटूट निष्ठा के साथ संपन्न हुआ।