राजस्थान

भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: मौत को मात देकर कूदा चालक

भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया और देखते ही देखते आग का गोला बन गया।

By अजय त्यागी 1 min read
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भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा

बालोतरा, राजस्थान। भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा सुरक्षा मानकों और वाहनों की तेज रफ्तार पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर गया है। सोमवार सुबह बिठूजा गांव के पास हुआ यह हादसा इतना भयानक था कि ट्रेलर देखते ही देखते लोहे के जलते हुए ढांचे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि चालक ने अपनी जान की बाजी लगाकर सूझबूझ दिखाई और समय रहते वाहन से छलांग लगा दी। अन्यथा, इस अग्नि-कांड में एक और जीवन राख की ढेर में मिल जाता, जिसकी जिम्मेदारी शायद फाइलों में दबकर रह जाती।[1]

घटना सोमवार सुबह करीब 7 बजे की है, जब बीकानेर से जामनगर जा रहा रेत से लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर सुरक्षा रेलिंग से टकराया। टक्कर के बाद डीजल टैंक के क्षतिग्रस्त होने से आग भड़की, जो कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि मीलों दूर से धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। सवाल यह है कि क्या एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति और तकनीकी सुरक्षा की निगरानी केवल कागजों पर हो रही है? यदि चालक की जान गई होती, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी होती?

सुरक्षा दावों की पोल

भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा इस बात की पुष्टि करता है कि आधुनिक सड़कों पर भी सुरक्षा का दायरा कितना संकीर्ण है। स्थानीय लोगों की तत्परता ने घायल चालक को अस्पताल तो पहुँचा दिया, लेकिन दमकल विभाग के पहुँचने से पहले ही ट्रेलर जलकर खाक हो चुका था। एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन सेवाओं के रिस्पांस टाइम को लेकर जो दावे किए जाते हैं, क्या वे इस घटना के बाद भी खरे उतरते हैं? सिस्टम की सुस्ती का खामियाजा हमेशा आम आदमी और चालक को ही क्यों भुगतना पड़ता है?

"ट्रेलर में भीषण आग लगने के बाद चालक ने हिम्मत नहीं हारी और चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई, ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए भेजा गया है।"

पुलिस और प्रशासन अब हादसे के कारणों की जांच का राग अलाप रहे हैं। तकनीकी जांच, मानवीय भूल या सड़क की बनावट में कोई कमी, ये सब जांच के विषय हैं। लेकिन जब तक जांच पूरी होगी, तब तक लाखों का नुकसान और सड़कों का यह खौफनाक मंजर लोगों के जहन में बना रहेगा। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर लगा लंबा जाम इस बात का गवाह है कि सुरक्षा के दावों के बीच प्रबंधन कितना लाचार नजर आता है।

प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल

क्या हम ऐसे एक्सप्रेस-वे के लिए तैयार हैं जहाँ एक छोटी सी चूक बड़ी तबाही का कारण बन जाए? भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा संकेत है कि तेज रफ्तार और अनियंत्रित परिवहन के बीच समन्वय का अभाव है। जब तक हर मोड़ और हर डिवाइडर पर सुरक्षा का कड़ा पहरा नहीं होगा, तब तक दुर्घटनाओं का यह सिलसिला चलता रहेगा। हम आशा करते हैं कि प्रशासन केवल जले हुए ट्रेलर को हटाने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखेगा, बल्कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer)

लेखक, प्रकाशक एवं संपादक इस रिपोर्ट को केवल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर साझा कर रहे हैं। दुर्घटना से जुड़ी तकनीकी जांच का अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। पाठकों को सलाह है कि इस घटना को मात्र एक सूचना के रूप में देखें, यह किसी भी कानूनी कार्रवाई का आधार नहीं है।

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