राष्ट्रीय

मई 2026: आतंकवाद मुक्त घाटी, इतिहास में पहली बार शून्य हिंसा

मई 2026 का महिना आतंकवाद मुक्त घाटी के रूप में दर्ज हुआ, जो पिछले तीन दशकों के संघर्ष में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और दहशतगर्द ताकतों के लिए एक कड़ा संदेश है।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

हर समय मुस्तैद सुरक्षाबल

श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर। मई 2026 का महिना आतंकवाद मुक्त घाटी के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आतंकवाद के उदय के बाद के तीन दशकों में, मई 2026 पहला ऐसा महीना दर्ज किया गया है जिसमें एक भी आतंकी घटना या हत्या नहीं हुई है। यह उन ताकतों के लिए एक करारा जवाब है जो पिछले 30 वर्षों से घाटी की शांति को बारूद के धुएं में छिपाने का कुत्सित प्रयास कर रहे थे।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के पहले पांच महीनों में केवल 12 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें कोई भी आम नागरिक शामिल नहीं है। यह गिरावट उस दौर की याद दिलाती है जब मई का महीना सबसे अधिक हिंसक माना जाता था; उदाहरण के तौर पर मई 2000 में 288 और मई 2001 में 300 जानें गई थीं। मई 2026 में आतंकवाद मुक्त घाटी का यह क्रम बताता है कि अब बंदूक का खौफ जनता के मन से धीरे-धीरे मिट रहा है।[1]

बदलता सुरक्षा परिदृश्य

मई 2026 में आतंकवाद मुक्त घाटी का सपना इसलिए सच हो पाया है क्योंकि आतंकवाद को ऑक्सीजन देने वाला इकोसिस्टम अब लगभग दम तोड़ चुका है। सुरक्षा बलों की निरंतर घेराबंदी और सटीक खुफिया जानकारी ने आतंकी गुटों की कमर तोड़ दी है। यह उस राजनीति पर भी एक तमाचा है जो दशकों तक घाटी में अस्थिरता के नाम पर अपनी जड़ें जमाए बैठी थी और युवाओं को गलत रास्ते पर धकेलने का काम करती थी।

सेना और पुलिस के अनुसार, घुसपैठ के तमाम रास्ते या तो बंद हो गए हैं या उनकी निगरानी इतनी कड़ी है कि आतंकी संगठनों के लिए अपना आधार फिर से खड़ा करना नामुमकिन सा हो गया है। यह शांति उन लोगों की साजिशों की पराजय है जो आज भी सीमा के उस पार से बैठकर घाटी की खुशहाली को हजम नहीं कर पा रहे हैं।

आंकड़ों का ऐतिहासिक बदलाव

मई 2026 में आतंकवाद मुक्त घाटी के दावों की पुष्टि इन आंकड़ों से होती है: वर्ष 2001 में, जो संघर्ष का सबसे घातक वर्ष था, वहां 4,011 मौतें हुई थीं, जिनमें 1,024 निर्दोष नागरिक थे। इसके विपरीत, 2026 के इन पांच महीनों में एक भी नागरिक की जान नहीं गई है। सुरक्षा बलों की शहादत और आतंकवादियों के सफाए के आंकड़ों में आई यह भारी गिरावट यह दर्शाती है कि घाटी अब 'आतंक की फैक्ट्री' से निकलकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुकी है।

"मई महीने में शून्य हत्याओं के बारे में बात करते हुए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सुरक्षा बल अभी भी उन चुनिंदा स्थानों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान चला रहे हैं जहां कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलती है।"

यह शांति महज एक संयोग नहीं, बल्कि उस कठिन परिश्रम का फल है जिसने मई 2026 के महीने में आतंकवाद मुक्त घाटी को एक सच्चाई बनाया है। हालांकि अधिकारी सतर्क रहने की चेतावनी देते हैं, लेकिन यह साफ है कि घाटी का आम नागरिक अब हिंसा के उस दौर को पीछे छोड़ चुका है। बारूद की गंध अब खत्म हो चुकी है और उसकी जगह विकास की बयार ने ले ली है, जो किसी भी आतंकी साजिश से कहीं अधिक ताकतवर है।

Source Source
#JammuKashmir #PeaceInKashmir #CounterTerrorism #ZeroCasualties #May2026 #KashmirValley
Read Full Article on RexTV India