JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा, 67,323 इंजीनियरिंग सीटों के लिए प्रक्रिया शुरू, आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी में बढ़ी सीटें।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
कोटा, राजस्थान। JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIITs) और सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (GFTIs) में इस साल कुल 67,323 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4,470 सीटें बढ़ाई गई हैं।
जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने मंगलवार, 2 जून को शैक्षणिक वर्ष 2026 के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करते हुए सीट मैट्रिक्स जारी कर दिया है। यह वृद्धि न केवल छात्रों के लिए अवसर के द्वार खोलती है, बल्कि प्रतिस्पर्धा के नए आयाम भी तय करती है। बी.टेक, डुअल डिग्री, आर्किटेक्चर और अन्य एकीकृत कार्यक्रमों के लिए यह सीट मैट्रिक्स पूरी तरह से पारदर्शी है।
JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा करने के पीछे मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है। शिक्षा विशेषज्ञ देव शर्मा के विश्लेषण के अनुसार, 2025 में 62,853 सीटें उपलब्ध थीं, जो अब बढ़कर 67,323 हो गई हैं। सबसे खास बात यह है कि इस बार 136 संस्थान काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 128 था।
इस वर्ष नौ नए GFTIs और प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया गया है। आईआईएससी बेंगलुरु के शामिल होने से छात्रों को शीर्ष स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का एक और सुनहरा अवसर मिला है। आईआईटी और एनआईटी दोनों में सीटों की संख्या में क्रमशः 666 और 637 की वृद्धि देखी गई है, जो एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव है।[1]
JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा करते हुए पहली बार आईआईएससी बेंगलुरु की 125 बी.टेक सीटों को आईआईटी सीट मैट्रिक्स में शामिल किया गया है। अब जेईई एडवांस के जरिए छात्र कुल 18,951 सीटों के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे। आईआईएससी में एयरोस्पेस, मैटेरियल्स साइंस, मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग और मैकेनिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे भविष्योन्मुखी विषयों में दाखिला लिया जा सकेगा।
"सबसे संतोषजनक खबर छात्रों के लिए यह है कि आईआईटी में सीटों की संख्या 666 बढ़ गई है। इसी तरह एनआईटी में सीटों की गिनती 637 बढ़ी है। आईआईएससी बेंगलुरु का पहली बार शामिल होना एक बड़ा ऐतिहासिक कदम है," देव शर्मा, शिक्षा विशेषज्ञ।
JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा आईआईटी जोधपुर के लिए सबसे प्रभावी रहा है, जहां सीटों की संख्या 610 से बढ़कर 750 हो गई है। इसी तरह आईआईटी मंडी ने 120, इंदौर और पलक्कड़ ने 80-80, जबकि हैदराबाद और जम्मू ने 75-75 सीटों का इजाफा किया है। कानपुर, खड़गपुर और दिल्ली जैसे बड़े संस्थानों ने भी अपनी क्षमता में विस्तार किया है।
कुल मिलाकर आईआईटी में 699 सीटों की वृद्धि हुई है, हालांकि कुछ संस्थानों में मामूली कमी भी की गई है। इसके बावजूद कुल नेट इंक्रीमेंट 666 सीटों का है। दूसरी ओर, आईआईआईटी में 1,578 सीटें और जीएफटीआई में 1,464 सीटें जोड़ी गई हैं। जीएफटीआई की कुल संख्या 47 से बढ़कर 56 हो गई है, जिससे छात्रों के पास विकल्पों का एक विस्तृत दायरा उपलब्ध हो गया है।
JoSAA काउंसलिंग 2026 में सीटों का बंपर इजाफा राजस्थान के छात्रों के लिए भी फायदेमंद है। राज्य में कुल 200 सीटें बढ़ी हैं, जिससे अब यहां 2,118 सीटें उपलब्ध हैं। एमएनआईटी जयपुर ने 60 सीटें बढ़ाई हैं, जिससे उनकी संख्या अब 948 हो गई है। आईआईआईटी कोटा में सीटों की संख्या 330 पर स्थिर है, जो कि पिछले वर्ष के समान ही है।
यह काउंसलिंग प्रक्रिया आने वाले चार से पांच वर्षों के लिए छात्रों के करियर की दिशा तय करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में हुई यह ऐतिहासिक वृद्धि उन मेधावी छात्रों के लिए राहत भरी है जो रैंक के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते थे। काउंसलिंग के इस नए दौर में पारदर्शिता और विकल्पों की भरमार छात्रों को अपने सपनों के संस्थान तक पहुंचने में मदद करेगी।