महेश नवमी शोभायात्रा के भव्य आयोजन को लेकर समाज में उत्साह। सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर आधारित विशेष बैठक संपन्न हुई।
शोभायात्रा समिति की बैठक
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। महेश नवमी शोभायात्रा का महापर्व भगवान महेश के भक्तों के लिए केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और आस्था के प्रति अटूट प्रेम को अभिव्यक्त करने का पावन माध्यम है। इस वर्ष भी इस अलौकिक महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए शोभायात्रा समिति ने अपनी कमर कस ली है। श्री महेश शिक्षा सदन में आयोजित एक विशेष बैठक में जब समाज के वरिष्ठों और युवा शक्ति का मिलन हुआ, तो ऐसा लगा मानो भक्ति की एक नई अलख जग रही हो।
समिति के सह-संयोजक सुरेश बिरला, केजी राठी और संयोजक सुभाष बाहेती के सानिध्य में संपन्न इस बैठक का मुख्य ध्येय उस प्रभु की शोभायात्रा को गरिमापूर्ण बनाना था, जो समाज को एकता के सूत्र में पिरोती है। बैठक में उमड़ा सदस्यों का जनसैलाब इस बात का प्रमाण था कि प्रभु महेश के प्रति हर हृदय में कितनी गहरी श्रद्धा और सेवा का भाव विराजमान है।
इस बैठक में महेश नवमी शोभायात्रा के मार्ग से लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजामों तक हर बिंदु पर गंभीरता से विचार किया गया। मुख्य प्रभारी लोकेश आगाल ने विस्तार से बताया कि शोभायात्रा में शामिल होने वाली झांकियों, बैंड-बाजों और शिव परिवार की वेशभूषा में आने वाले प्रतिभागियों की प्रतियोगिता को किस प्रकार भव्य स्वरूप दिया जाएगा। यह आयोजन केवल दिखावा नहीं, बल्कि समाज के भीतर छिपी प्रतिभाओं को मंच देने का एक भावपूर्ण प्रयास है।
सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता का संकल्प इस शोभायात्रा का सबसे सुंदर पक्ष है। समिति ने निर्णय लिया है कि शोभायात्रा के पीछे स्वच्छता दल की विशेष व्यवस्था रहेगी, ताकि हमारी श्रद्धा के मार्ग पर कहीं भी गंदगी न हो। यह निर्णय दर्शाता है कि भक्त केवल भगवान की भक्ति नहीं, बल्कि उनके द्वारा बनाए गए इस सुंदर संसार के प्रति भी उतने ही संवेदनशील हैं।
गत वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि शोभायात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार के खाद्य एवं पेय पदार्थ का वितरण नहीं किया जाएगा। यह निर्णय अनुशासन और व्यवस्था के प्रति समाज की गंभीरता को प्रदर्शित करता है। बैठक में मौजूद सुरेश लढ़ा, शुभम कालिया, गोपाल सोमानी और मातृशक्ति से मधु लढ़ा, उषा सोनी सहित अन्य सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।
महेश नवमी शोभायात्रा के इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी मातृशक्ति की उपस्थिति ने बैठक में एक विशेष ऊर्जा भर दी। जब समाज की महिलाएं और पुरुष मिलकर किसी संकल्प को लेते हैं, तो वह प्रभु की कृपा से स्वतः ही पूर्ण हो जाता है। संयोजक सुभाष बाहेती ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु महेश के आशीर्वाद से यह शोभायात्रा भीलवाड़ा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेगी।
महेश नवमी के इस महापर्व की तैयारियां उस दिन की प्रतीक्षा बढ़ा रही हैं, जब प्रभु महेश की प्रतिमा नगर भ्रमण पर निकलेगी। यह दृश्य न केवल आँखों को तृप्त करेगा, बल्कि हृदय को भक्ति के सागर में सराबोर कर देगा। हाथी-घोड़े, ध्वज-पताकाएं और गूँजते हुए भजनों के स्वर पूरे वातावरण को शिवमय बना देंगे।
महेश नवमी शोभायात्रा समाज को यह संदेश देती है कि हम सब एक हैं। जब हम भक्ति के पथ पर चलते हैं, तो आपसी भेदभाव मिट जाते हैं और केवल प्रेम व सेवा का भाव ही शेष रह जाता है। भीलवाड़ा की इस शोभायात्रा का इंतजार केवल भक्तों को नहीं, बल्कि उस शहर को भी है जो अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए जाना जाता है।