डेयरी ने पर्यावरण संरक्षण का दिया सन्देश, 75 पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाई। राजस्थान सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत डेयरी का लक्ष्य 2000 पौधे लगाना है।
डेयरी कार्मिकों द्वारा वृक्षारोपण
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, जिसे भीलवाड़ा डेयरी के नाम से जाना जाता है, परिसर में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 75 पौधे लगाए गए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संचार करना और प्रकृति के साथ जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने राजस्थान सरकार के बहुप्रतीक्षित "हरियालो राजस्थान" अभियान पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत भीलवाड़ा डेयरी को कुल 2000 पौधे लगाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। डेयरी प्रबंधन इस लक्ष्य को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाले समय में क्षेत्र को एक हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद डेयरी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने न केवल वृक्षारोपण किया, बल्कि प्रत्येक पौधे को अपने नाम से चिन्हित कर उनकी नियमित देखभाल करने का दृढ़ संकल्प भी लिया। प्रबंधन का मानना है कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित करना भी पर्यावरण संरक्षण का एक अनिवार्य हिस्सा है। सभी कर्मचारियों ने स्वेच्छा से पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी गहरी संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा:
"पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण आवश्यक है।"
उनके इस संदेश ने कर्मचारियों में प्रकृति की सेवा करने के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया। पाटीदार ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हरित और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति भीलवाड़ा डेयरी की अटूट प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रतीक है।
वृक्षारोपण के साथ-साथ कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। प्लास्टिक का उपयोग कम करने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और जल की बर्बादी को रोकने जैसे विषयों पर कर्मचारियों को जागरूकता संदेश दिए गए। एक जिम्मेदार संस्थान के रूप में भीलवाड़ा डेयरी का यह प्रयास न केवल परिसर के भीतर, बल्कि पूरे जिले के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।
आयोजन के दौरान डेयरी के विभिन्न विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जो समाज और पर्यावरण के लिए कल्याणकारी हों। इस सामूहिक प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब कोई संस्थान अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को बखूबी समझता है, तो उसका प्रभाव सकारात्मक और व्यापक होता है। भीलवाड़ा डेयरी का यह संकल्प निश्चित रूप से एक हरित भविष्य की नींव है।
भीलवाड़ा डेयरी का यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। संस्था का लक्ष्य न केवल निर्धारित 2000 पौधों का रोपण करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि ये पौधे बड़े होकर घने वृक्षों का रूप लें। हरियाली बढ़ाने की यह दिशा पर्यावरण की सेहत को सुधारने में लंबी दूरी तय करेगी। पर्यावरण संरक्षण के प्रति ऐसी सक्रियता ही आज के बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान है।
निष्कर्षतः, भीलवाड़ा डेयरी के इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर ही मानव का भविष्य सुरक्षित रह सकता है। वृक्षारोपण की यह मुहिम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग निरंतर बनाए रखें।