राजस्थान

नीमकाथाना में पर्यावरण संरक्षण के लिए जुटे अधिकारी और जनप्रतिनिधि

नीमकाथाना के जिला खेल स्टेडियम में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृहद् पौधारोपण किया गया। अधिकारियों ने बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

By अजय त्यागी 1 min read
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विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण

नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के खेल स्टेडियम में वन विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। जिले में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह आयोजन न केवल प्रतीकात्मक रहा, बल्कि इसने आम नागरिकों को भी प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया है।

इस अवसर पर नीमकाथाना के अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख, उपखंड अधिकारी राजवीर यादव, भाजपा नेता प्रमोद बाजोर और वीरांगना कविता सामोता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पौधारोपण के साथ की गई। उपस्थित सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि आज हम प्रकृति के प्रति सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थिति भयावह हो सकती है।

बढ़ता तापमान और चिंता

अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँच रहा है, जो कि अत्यंत गंभीर स्थिति है। हर साल तापमान में हो रही 2 डिग्री की वृद्धि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। इस स्थिति पर काबू पाने के लिए पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण ही एकमात्र स्थायी समाधान है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख ने कहा:

"हम देख पा रहे हैं कि आजकल तापमान 50 डिग्री के आसपास पहुँच रहा है। तापमान हर वर्ष करीब 2 डिग्री बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है। इसलिए वृक्षारोपण से ही इस पर अंकुश लगाया जा सकता है।"

उनके इस संदेश ने उपस्थित जनसमूह को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि किस तरह व्यक्तिगत प्रयासों से सामूहिक परिवर्तन लाया जा सकता है।

हरियाली और पारिस्थितिकी संतुलन

कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेत्री वीरांगना कविता सामोता ने कहा कि धरती माँ के श्रृंगार के लिए पेड़-पौधों का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब पेड़ लगाए जाएंगे, तभी चारों ओर हरियाली का वास होगा और हमारा पारिस्थितिकी तंत्र भी संतुलित रहेगा। सामोता ने अपील की कि नागरिकों को न केवल पौधे लगाने चाहिए, बल्कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा भी उठाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण तभी सार्थक है जब लगाया गया पौधा वृक्ष का रूप ले सके।

जनप्रतिनिधियों ने भी स्वीकार किया कि नीमकाथाना क्षेत्र में वन क्षेत्र बढ़ाने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इस वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का वचन लेना चाहिए। जब हम पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाएंगे, तभी हम आने वाले भीषण गर्मी के मौसम से स्वयं को और अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रख पाएंगे।

सामूहिक प्रयास का महत्व

नीमकाथाना प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय जनता की भागीदारी उत्साहजनक रही। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की ओर से इस तरह के अभियान पूरे जिले में चलाए जा रहे हैं ताकि हरित क्षेत्र को बढ़ाया जा सके। पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह सामूहिक प्रयास आने वाले वर्षों में सुखद परिणाम देगा। वृक्षारोपण अभियान का मुख्य लक्ष्य ही यही है कि हर व्यक्ति प्रकृति के साथ अपने जुड़ाव को महसूस करे और उसे संजोने का कार्य करे।

अंत में, कार्यक्रम का समापन पौधारोपण की क्रियाओं के साथ हुआ। सभी उपस्थित अधिकारियों और नागरिकों ने एक साथ मिलकर खेल स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। यह संदेश स्पष्ट था कि नीमकाथाना प्रशासन पर्यावरण के प्रति गंभीर है और आगे भी ऐसे अभियानों को प्राथमिकता दी जाएगी। नीमकाथाना को हरा-भरा बनाने का यह संकल्प वास्तव में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय कदम साबित होगा।

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