जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण। मरीजों से संवाद कर चिकित्सा व्यवस्था को परखा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।
मुख्यमंत्री का मरीजों से सीधा संवाद
जयपुर, राजस्थान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी स्थित एसएमएस अस्पताल की धनवंतरी ओपीडी में पहुँचकर औचक निरीक्षण किया। राज्य के इस सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में पहुँचकर मुख्यमंत्री ने न केवल चिकित्सा व्यवस्था को परखा, बल्कि मरीजों और उनके साथ आए परिजनों से सीधा संवाद भी किया। मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण अस्पताल के मरीजों के लिए एक संजीवनी बन गया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मिलने वाली निशुल्क जांच, दवाओं की उपलब्धता और उपचार प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली।[1]
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएमएस अस्पताल राजस्थान का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, जहाँ प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में यहाँ की चिकित्सा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने माना कि पहले अस्पताल में कुछ संसाधन संबंधी कमियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल को पूर्णतः वातानुकूलित (एसी) बनाने का कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है।
मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण के समय अधिकांश मरीजों ने समय पर जांच और दवाओं की उपलब्धता को लेकर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के उपचार मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था में आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
Jaipur, Rajasthan: Chief Minister Bhajan Lal Sharma conducted an inspection at SMS Hospital pic.twitter.com/LDtWbSiZKA
— IANS (@ians_india) June 6, 2026
मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार गरीबों और आमजन के साथ मजबूती से खड़ी है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भविष्य में भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि अंतिम छोर पर खड़े मरीज को भी गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि मरीजों को असुविधा से बचाना ही प्रशासनिक सफलता है।
"मैंने हमारे कर्मचारियों, अधिकारियों और डॉक्टरों से कहा है कि सबकी सेवा करना हमारी जिम्मेदारी है और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। हमारी सरकार आम लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे।"
मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण यह बताता है कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक बेहतर स्वास्थ्य उपचार से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा व्यवस्था में मानवीय संवेदनाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। एसएमएस संस्थान में किए जा रहे सुधार कार्यों का सकारात्मक असर मरीजों को मिलने लगा है, जो सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। गुणवत्तापूर्ण उपचार के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का विकास भी सरकार की मुख्य योजनाओं में शामिल है।
VIDEO | Jaipur: After conducting surprise inspection of SMS hospital, Rajasthan CM Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) says, "I have told our employees, officers, and doctors that it is our responsibility to serve everyone and ensure that they do not face any kind of difficulty. I… pic.twitter.com/9KsOoe1gq1
— Press Trust of India (@PTI_News) June 6, 2026
अस्पताल में मौजूद मरीजों से हुई बातचीत के आधार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की है और सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया है। उन्होंने अस्पताल में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर खुशी जताई और कहा कि एसएमएस संस्थान वास्तव में सराहनीय कार्य कर रहा है। भविष्य में राज्य भर के अन्य अस्पतालों में भी इसी प्रकार की सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अंत में फिर दोहराया कि प्रदेश के नागरिकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। अस्पताल प्रशासन को भविष्य के लिए भी पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं में सुधार लाने का एक प्रयास था, बल्कि प्रशासन में जवाबदेही तय करने का भी एक माध्यम था। प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सशक्त बनाना ही राज्य सरकार का अंतिम लक्ष्य है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वसनीय स्रोतों एवं प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अस्पताल की व्यवस्थाओं और आधिकारिक निरीक्षण से संबंधित जानकारी जनहित में साझा की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।