गोरखपुर के पिपराइच में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण। डिजिटल सखियों ने पर्यावरण और साइबर सुरक्षा का दिया संदेश। विधायक ने किया कार्यों का निरीक्षण।
डिजिटल सखियों संग एक पेड़ माँ के नाम अभियान का आगाज़
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। गोरखपुर जिले के पिपराइच ब्लॉक में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं डिजिटल सखियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाना और वृक्षारोपण के माध्यम से हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण की नींव रखना था। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने इस पहल को और अधिक गरिमा प्रदान की।
पिपराइच ब्लॉक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री महेंद्र पाल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। एक पेड़ माँ के नाम अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना भी समाज को सशक्त बनाने का एक अनिवार्य हिस्सा है।
विधायक श्री महेंद्र पाल सिंह ने डिजिटल सखी परियोजना गोरखपुर की जॉइंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर गीता कौर के साथ गहन संवाद किया। उन्होंने साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में सखियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एल एंड टी फाइनेंस एवं बॉयफ लाइवलीहुड्स संस्था के सहयोग से संचालित यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की एक नई पहचान दे रही है, जो समाज के लिए बेहद गर्व का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के साथ जुड़कर डिजिटल सखियां न केवल पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि वे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति भी ग्रामीण महिलाओं को शिक्षित कर रही हैं। डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ वित्तीय रूप से सक्षम बनाना इस परियोजना का मूल मंत्र है। विधायक ने परियोजना के इन सराहनीय कार्यों को भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख जनार्दन जायसवाल, नगर परिषद अध्यक्ष संजय मद्धेशिया और प्रधान संघ अध्यक्ष संजय सिंह सहित अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। बीडीओ श्यामलाल और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी सखियों के साथ मिलकर छायादार पौधों का रोपण किया। इस सामूहिक प्रयास ने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन और समाज के जागरूक वर्ग हाथ मिलाते हैं, तो बदलाव निश्चित है। यह पौधारोपण पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम है।
इस आयोजन से पूर्व, गोरखपुर के विंध्यवासिनी पार्क में भी एक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय और डीडीयू विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. पूनम टंडन ने भी डिजिटल सखियों के साथ मिलकर हरित भविष्य का संकल्प लिया। इन दोनों कार्यक्रमों ने साबित किया कि गोरखपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के समन्वित प्रयासों को नई ऊर्जा मिली है। एक पेड़ माँ के नाम अभियान की सफलता ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का संचार किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित डिजिटल सखी अंजनी विश्वकर्मा, मेनका सिंह, हेमा गिरी, सुनीता देवी, आशा, रंजना यादव, कंचन, मेनिका पासवान, गीता पासवान, गायत्री सिंह, ज्योति भाटिया, अनीता यादव, शीला देवी, प्राची पांडे, पूजा मिश्रा, नादरा खातून, मीना देवी और उद्यमी सरोजपाल ने अपने कार्यों से सबका मन मोह लिया। इन महिलाओं ने साबित कर दिया कि तकनीक और प्रकृति का तालमेल ही एक विकसित समाज की पहचान है। उनका कार्यक्षेत्र अब केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज को सुरक्षा और हरियाली की राह दिखा रही हैं।
अंत में, यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के माध्यम से लोगों ने यह ठान लिया है कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा भी करेंगे। डिजिटल सखियों की सक्रिय भूमिका ने पिपराइच ब्लॉक में एक नई लकीर खींची है, जो अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।