जाली नोटों का कारोबार चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने भारी मात्रा में नकली करेंसी और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
(अहमदाबाद, गुजरात)। अहमदाबाद में पुलिस ने जाली नोटों का कारोबार चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। वटवा पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच ज़ोन-8 के संयुक्त ऑपरेशन में इस अवैध नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड इमरान की पहचान सातवें आरोपी के रूप में की गई है। पुलिस की टीमें लगातार अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं।[1]
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साठ लाख रुपये के नकली नोट बाजार में खपाने की तैयारी में था। नकली नोटों का यह नेटवर्क अहमदाबाद से लेकर बनासकांठा तक फैला हुआ था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान प्रिंटर, स्याही, विशेष कागज, सुरक्षा धागे और अन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग नोट छापने के लिए किया जा रहा था। गिरोह में शामिल लोगों में एक नाबालिग भी है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।
जाली नोटों का कारोबार चलाने वाले इस गिरोह के खिलाफ पुलिस ने काफी समय से नजर रखी हुई थी। डीसीपी ज़ोन-8 मयूर पटेल ने बताया कि खुफिया जानकारी और सबूतों के आधार पर सटीक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मौके से उन सभी उपकरणों को जब्त कर लिया है, जो नकली करेंसी बनाने के काम आते थे। यह कार्रवाई न केवल जाली नोटों के सर्कुलेशन को रोकने में मदद करेगी, बल्कि इससे जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का रास्ता भी साफ होगा।
"जाली नोटों का कारोबार करने वाले इस गिरोह के सभी सातों सदस्यों की पहचान कर ली गई है। मुख्य आरोपी इमरान की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और उम्मीद है कि उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।"
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय संबंधों को खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के बाकी गुर्गों और उनके ठिकानों का पता चल सके। अहमदाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी लेनदेन के दौरान नोटों की अच्छी तरह जांच करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचित करें।
अंतिम निष्कर्ष के रूप में, पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह की कमर तोड़ दी है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे अवैध सेटअप का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा। प्रशासन का यह कदम न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी एक मिसाल है।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अपराध संबंधी मामलों में जांच जारी रहती है और भविष्य में तथ्य बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।