ओमान तट पर मिसाइल हमले के बाद भारतीय नाविकों का रेस्क्यू सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। विदेश मंत्रालय और डीजी शिपिंग की त्वरित पहल से 24 नाविकों को सुरक्षित बचा लि
Indian seafarers are stuck near Masirah Island in Oman (ETV Bharat)
ओमान तट के समीप उस समय हड़कंप मच गया जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के चलते मिसाइल हमले शुरू हुए। मसीराह द्वीप से केवल 15 समुद्री मील की दूरी पर खड़ा जहाज 'मैरीवेक्स-9464156' एक मिसाइल की चपेट में आ गया, जिससे जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविक संकट में फंस गए।[1]
मिसाइल हमले के तुरंत बाद, जहाज के चालक दल ने फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के सचिव मनोज यादव से संपर्क कर तत्काल मदद की गुहार लगाई। नाविकों का लाइफबोट नष्ट हो चुका था और जहाज धुएं से ढका था, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। लेकिन गनीमत रही कि समय रहते भारतीय नाविकों का रेस्क्यू कर लिया गया। [विडियो]
जहाज पर सवार नाविक नीलेश ने रोते हुए मदद की अपील की थी, जो इस पूरी घटना का सबसे संवेदनशील पल था। उन्होंने बताया कि जहाज का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और उन्हें तत्काल सुरक्षित बाहर निकालने की आवश्यकता है।
मनोज यादव ने बिना देरी किए इस मामले को विदेश मंत्रालय और डीजी शिपिंग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नाविक निकायों से भी समन्वय स्थापित किया ताकि भारतीय नाविकों का रेस्क्यू कार्य बिना किसी विलंब के शुरू किया जा सके।
विदेश मंत्रालय और डीजी शिपिंग के सक्रिय हस्तक्षेप के बाद ओमान के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। भारतीय नाविकों का रेस्क्यू सुनिश्चित करने के लिए समुद्री बचाव समन्वय केंद्रों की मदद से ओमान सरकार से एक हेलीकॉप्टर भेजने का आग्रह किया गया।
ओमान के बचाव दल ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। शिपिंग मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सभी नाविक सुरक्षित हैं और भारतीय नाविकों का रेस्क्यू अभियान पूरी तरह से सफल रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। भारतीय नाविकों के रेस्क्यू कार्य से जुड़ी यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के विवरण पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।