बीकानेर में चाकूबाजी की दो गंभीर वारदातों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बदमाशों ने युवाओं को अपना निशाना बनाया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर शहर में अपराध का ग्राफ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ हाल ही में दो अलग-अलग इलाकों में चाकूबाजी की भयावह घटनाएं सामने आई हैं। इन वारदातों ने न केवल स्थानीय निवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना नयाशहर थाना क्षेत्र के सोनगिरी कुआं इलाके में सोमवार रात में हुई, जबकि दूसरी घटना गंगाशहर थाना क्षेत्र के कुम्हारों के मोहल्ले में घटित हुई। दोनों ही मामलों में पीड़ितों को गंभीर चोटें आई हैं।
सोनगिरी कुआं क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की घटना में एक युवक उस समय हमले का शिकार हुआ, जब वह देर रात अपने घर लौट रहा था। अचानक हुए इस हमले में बदमाशों ने युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसके हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है। इस मामले में पुलिस गहन जांच में जुटी है।[1]
घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। पीड़ित पक्ष ने पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। नयाशहर थाना पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह पूर्व गंगाशहर थाना क्षेत्र में घटी चाकूबाजी की वारदात पुरानी रंजिश और आपसी विवाद का परिणाम बताई जा रही है। कुम्हारों के मोहल्ले में घर के बाहर खड़े बबलू कुम्हार नामक युवक पर हमलावरों ने जानलेवा हमला करते हुए उसकी कमर में चाकू घोंप दिया। घायल युवक को गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे तुरंत ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया। इस घटना ने शहर की शांति व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मिसाल पेश की है। गंगाशहर थानाधिकारी परमेश्वर सुथार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए वारदात के दो मुख्य आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाएं पुलिस की गश्त पर सवाल जरूर उठा रही हैं।
"शहर में हो रही चाकूबाजी की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। पुलिस इन मामलों में मुस्तैदी से जांच कर रही है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
लगातार हो रही इन आपराधिक वारदातों ने आमजन को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर कर दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में चाकूबाजी की इन घटनाओं के बाद से लोग रात के समय बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। स्थानीय प्रबुद्धजनों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म होता जा रहा है, जिसके कारण वे इस तरह की दुस्साहसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन को अब सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की सख्त आवश्यकता है।
पुलिस अब पूरे शहर में सुरक्षा घेरा मजबूत करने की योजना बना रही है। विशेष रूप से उन इलाकों में जहां चाकूबाजी की घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। आपराधिक तत्वों की पहचान के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके। बीकानेर के नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस इन मामलों में सख्त कार्रवाई कर शहर को पुन: भयमुक्त बनाएगी और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाएगी।