अंतरराष्ट्रीय

क्रीमिया में पेट्रोल की किल्लत से जनजीवन प्रभावित

क्रीमिया में पेट्रोल की किल्लत के चलते प्रशासन ने ईंधन पर राशनिंग लागू कर दी है। यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के कारण आपूर्ति बाधित होने से यह समस्या गंभीर

By अजय त्यागी 1 min read
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एक बार में केवल 20 लीटर मिलने की वार्निंग

सेवास्तोपोल, क्रीमिया। रूस के नियंत्रण वाले क्रीमिया में स्थानीय निवासी इस समय गंभीर ईंधन संकट का सामना कर रहे हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रूस से होने वाली ईंधन आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है, जिससे क्रीमिया में पेट्रोल की किल्लत बढ़ गई है। यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के बीच रूस के तेल बुनियादी ढांचे पर लगभग रोजाना हमले हो रहे हैं, जिसका सीधा असर अब आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों पर भी पड़ने लगा है। ईंधन की कमी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राशनिंग लागू करने का निर्णय लिया है।[1]

ड्रोन हमलों ने क्रीमिया तक ईंधन पहुंचाने वाले दो प्रमुख रास्तों को निशाना बनाया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। इन रास्तों में दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के रूसी-नियंत्रित क्षेत्र और क्रीमिया तथा रूस के तामन प्रायद्वीप के बीच स्थित केर्च जलडमरूमध्य शामिल हैं। हालांकि, स्थिति अभी नियंत्रण में है और दुकानदारों के अनुसार चीनी और कुट्टू जैसे अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है, फिर भी ईंधन के लिए पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

ईंधन पर नई पाबंदियां

प्रशासन ने ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। पेट्रोल पंपों पर अब प्रति व्यक्ति केवल 20 लीटर ईंधन ही दिया जा रहा है। इसके अलावा, खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए वाहनों की नंबर प्लेट से लिंक किए गए क्यूआर कोड की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। यह व्यवस्था इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में ईंधन का भंडार सीमित है और प्रशासन किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोकने का प्रयास कर रहा है।

सेवास्तोपोल के रूसी-नियुक्त गवर्नर मिखाइल रज़वोज़ायेव ने टेलीग्राम पर इस स्थिति की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल पंप पर जाने से पहले ईंधन की उपलब्धता की जांच जरूर कर लें ताकि बेवजह भीड़ न हो और सभी को न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार ईंधन मिल सके। स्थानीय अधिकारियों का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आवश्यक सेवाओं और परिवहन के लिए ईंधन की कमी न हो।

"20 लीटर की सीमा अभी भी प्रभावी है। मैं उन वाहन चालकों से अपील करता हूं जो आज ईंधन भरवाने जा रहे हैं: पेट्रोल पंप पर जाने से पहले ईंधन की उपलब्धता की जांच करें।- मिखाइल रज़वोज़ायेव, गवर्नर, सेवास्तोपोल"

हमलों का बढ़ता दायरा

ईंधन संकट के बीच यूक्रेनी हमलों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालिया हमलों में सेवास्तोपोल स्थित एक ऐतिहासिक संग्रहालय को भी निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने रात के समय चलने वाली ट्रेनों की संख्या में भी कटौती की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया है कि वे रूसी सेना के कब्जे वाले क्षेत्रों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और क्रीमिया पर यूक्रेनी संप्रभुता को बहाल करना उनका मुख्य लक्ष्य है।

क्रीमिया का इतिहास काफी जटिल रहा है, जो 2014 में रूसी नियंत्रण में आने से पहले यूक्रेन का हिस्सा था। वर्तमान में, क्रीमिया में पेट्रोल की किल्लत महज एक आपूर्ति समस्या नहीं, बल्कि जारी भू-राजनीतिक संघर्ष का एक बड़ा परिणाम है। भविष्य में आपूर्ति श्रृंखला में सुधार पूरी तरह से सुरक्षा स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, आम निवासियों को राशनिंग और क्यूआर कोड आधारित खरीद के जरिए ही काम चलाना पड़ रहा है, क्योंकि क्रीमिया में पेट्रोल की किल्लत की स्थिति में सुधार के स्पष्ट संकेत अभी नहीं दिख रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। क्रीमिया में ईंधन आपूर्ति और युद्ध संबंधी शर्तों के कारण स्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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