प्रादेशिक

अंग्रेजी माध्यम स्कूल में करोड़ों की बरामदगी से मचा हड़कंप

एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में करोड़ों की बरामदगी के बाद बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है जिसके चलते पुलिस जांच तेज कर दी गई है।

By अजय त्यागी 1 min read
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स्कूल में करोड़ों की बरामदगी

उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल। उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में हार्नेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में देर रात हुई पुलिस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस औचक कार्रवाई ने राज्य की कानून व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से स्थानीय प्रशासन और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। स्कूल में करोड़ों की बरामदगी के इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।

स्थानीय पुलिस को इस स्कूल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के सहयोग से पुलिस की एक विशेष टीम ने देर रात स्कूल परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। गहन तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों को स्कूल के एक कमरे से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ जिसके बाद नोटों की गिनती करने के लिए बैंक कर्मचारियों को मशीन के साथ बुलाना पड़ा।[विडियो]

सिक रूम से नकदी की बरामदगी

जांच अधिकारियों को स्कूल के बीमार कक्ष यानी सिक रूम में रखी एक अलमारी के भीतर से कुल एक करोड़ सतहत्तर लाख रुपये की भारी नकदी बरामद हुई है। नोटों को गिनने का यह जटिल अभियान बुधवार की रात को शुरू हुआ और गुरुवार सुबह चार बजे जाकर पूरा हो सका। नकद राशि के साथ ही उस कमरे से आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें और बेडरूम की तरह सजे हुए फर्नीचर भी बरामद किए गए हैं।

इस संदिग्ध कमरे की स्थिति देखकर छापेमारी करने वाली पुलिस टीम भी पूरी तरह हैरान रह गई। इस मामले में पूछताछ के दौरान बयानों में भारी विसंगतियां पाए जाने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और सहायक लेखाकार सायन घोष को हिरासत में ले लिया है ताकि इस अवैध धन के असली नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

"स्कूल परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का मिलना बेहद चिंताजनक है और हम इस पूरे मामले के पीछे छिपे वास्तविक स्रोतों का पता लगाने के लिए गहन कानूनी जांच कर रहे हैं।" - स्थानीय पुलिस अधिकारी

राजनीतिक दलों के बीच तीखा घमासान

इस घटना के सामने आते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बेहद तेज हो गया है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि यह पूरा पैसा सत्ताधारी दल के नेताओं का काला धन है। केंद्रीय एजेंसियों के डर से नेताओं ने इस पैसे को छिपाने के लिए स्कूल परिसर का गलत इस्तेमाल किया है।

दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन ने इन सभी आपराधिक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे नियमानुसार जमा की गई राशि बताया है। स्कूल के प्रधानाचार्य विकास चंद्र पाल ने किसी भी गलत काम में शामिल होने से साफ इनकार किया है। इस भारी विवाद के बीच स्कूल में करोड़ों की बरामदगी का यह मामला राज्य के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हुई पुरानी वित्तीय गड़बड़ियों की यादें ताजा कर रहा है।

"बरामद किया गया यह सारा कैश अप्रैल महीने से जमा की गई छात्रों की प्रवेश फीस है जिसे बैंक में जमा किया जाना बाकी था और हमें कमरे में मिली अन्य सामग्रियों की कोई जानकारी नहीं है।" - विकास चंद्र पाल, स्कूल प्रधानाचार्य

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट सरकारी सुरक्षा एजेंसियों और जांच में शामिल स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। स्कूल में करोड़ों की बरामदगी से जुड़े अदालती मामलों और अंतिम जांच रिपोर्ट की सटीक जानकारी के लिए पुलिस के आधिकारिक बयानों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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