खाड़ी के देशों में जारी भीषण युद्ध के बीच भारतीय क्रू वाला एक और जहाज़ अमेरिकी हमले की चपेट में आ गया है जिससे समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
टैंकर जलवीर
नई दिल्ली, भारत। खाड़ी के देशों में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में भारतीय चालक दल वाले एक और व्यापारिक जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर संकट बहुत अधिक गहरा गया है। ओमान के शिनास बंदरगाह के पास हुआ यह तीसरा हमला दर्शाता है कि कैसे भारतीय क्रू वाला एक और जहाज़ अमेरिकी हमले की चपेट में आया है जिसने भारतीय कूटनीतिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है।[1]
मर्चेंट जहाजों पर बढ़े इन हमलों के मद्देनजर नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। प्रारंभिक खबरों के अनुसार राहत की बात यह है कि इस नए हमले के बाद जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना के शिकार हुए इस तीसरे जहाज की पहचान गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर 'जलवीर' के रूप में की गई है। इस क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले मर्चेंट वेसल पर अमेरिकी सेना द्वारा किया गया यह तीसरा बड़ा हमला माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी सुरक्षा बलों ने खाली टैंकर 'मैरीवेक्स' पर भी मिसाइल दागी थी, जिस पर सवार चौबीस भारतीय नागरिकों को ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य कार्रवाई पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि नियमों का पालन न करने वाले आठ जहाजों को अब तक निष्क्रिय किया जा चुका है और एक सौ चौंतीस जहाजों के रूट बदले गए हैं। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच जारी शत्रुता के कारण पूरा क्षेत्र युद्ध के मुहाने पर खड़ा हो गया है जिसके चलते कुवैत को अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र भी बंद करना पड़ा है।
"ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की रिपोर्ट मिली है। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और आगे के विवरण का पता लगाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ कूटनीतिक समन्वय कर रहे हैं।" - भारतीय दूतावास, ओमान
भारत सरकार ने इस सप्ताह ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले दूसरे जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए अमेरिकी हमले के बाद सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इस पूर्ववर्ती हमले में फंसे चौबीस भारतीयों में से तीन नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज मुखर की है। सरकार का मानना है कि नागरिक बुनियादी ढांचे और मर्चेंट शिपिंग को इस तरह निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से उल्लंघन है। इस नाजुक मोड़ पर कोई भी मर्चेंट शिप अमेरिकी हमले की चपेट में आने से रोकने के लिए भारत ने दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम करने और बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है।
"इस क्षेत्र में जहाजों पर होने वाले लगातार हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं। हम तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने का आह्वान करते हैं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके।" - विदेश मंत्रालय, भारत सरकार
अस्वीकरण
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। खाड़ी देशों में भारतीय क्रू वाला एक और जहाज़ अमेरिकी हमले की चपेट में आने से जुड़े घटनाक्रमों और नाविकों की सुरक्षा की सटीक जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बुलेटिन को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।