बीज व्यवसायी से लाखों की रिश्वत मांगने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा कृषि मंत्री पर राजनीतिक हमला तेज।
संदीप विश्नोई और रजनीश विश्नोई
सीकर, राजस्थान। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की कार्रवाई के बाद सामने आए कथित रिश्वतखोरी प्रकरण ने अब एक नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। सदर थाना पुलिस ने आखिरकार एक स्थानीय बीज विक्रेता से बीस लाख रुपए की भारी-भरकम रिश्वत मांगने के आरोप में कृषि पर्यवेक्षक संदीप विश्नोई और रजनीश विश्नोई के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बड़ी कानूनी कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं द्वारा सीधे तौर पर कृषि मंत्री पर राजनीतिक हमला शुरू हो गया है।[1]
दोनों आरोपियों पर यह संगीन आरोप है कि उन्होंने खुद को कृषि मंत्री का बेहद करीबी बताते हुए बीज व्यवसायी से इतनी बड़ी रकम की मांग की थी। इस पूरे मामले के अनुसार गोकुलपुरा तिराहे स्थित विकास सीड्स के संचालक विकास के पिता रामलाल ने पांच जून को सदर थाने में एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि दो जून को सुमित कुमार नामक व्यक्ति ने फोन कर खुद को कृषि मंत्री का ओएसडी बताया था।
इसके अगले दिन भी पीड़ित व्यवसायी के पास इसी तरह का धमकी भरा फोन आया जिसके बाद चार जून को विकास को सांवली सर्किल स्थित एक होटल में बुलाया गया। जब विकास के पिता रामलाल स्वयं वहां पहुंचे और संबंधित व्यक्ति से उसका पहचान पत्र मांगा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। संदेह होने पर उन्होंने संदीप और रजनीश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया।
घटना के दिन स्थानीय पुलिस ने संदीप की ओर से पीड़ित पक्ष के खिलाफ मारपीट का मामला तो दर्ज कर लिया था, लेकिन बीज विक्रेता की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। चार दिन की लंबी जांच के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले ने तब और तूल प्रकट किया जब आरोपियों को छुड़ाने पहुंचे राजस्थान बीज निगम के निदेशक जुगलकिशोर विश्नोई को बाद में ढाई करोड़ से अधिक की नकदी के साथ पकड़ा गया।
"इस मामले की गहन जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की जाएगी।" - इंद्राज मरोड़िया, सदर थानाधिकारी
इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री पर राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एफआईआर की प्रति साझा करते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के नाम पर कथित उगाही करने वाले लोगों को बचाने का प्रयास किया गया। डोटासरा ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा कृषि मंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं, इसलिए मुख्यमंत्री को उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।
भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद जिला कांग्रेस ने सीकर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गठाला और फतेहपुर विधायक हाकम अली खां ने कहा कि मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन चलाया जाएगा और इस तरह कृषि मंत्री पर राजनीतिक हमला जारी रहेगा।
अस्वीकरण
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। कृषि विभाग के कथित रिश्वत प्रकरण की न्यायिक व प्रशासनिक जांच रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान के आधिकारिक नतीजों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।