राजस्थान

तस्वीर साफ होने से राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न

राजस्थान में नामांकन वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही तय प्रत्याशियों का राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन आधिकारिक रूप से संपन्न घोषित कर दिया गया

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न

जयपुर, राजस्थान। प्रदेश की तीन प्रमुख उच्च सदन सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। राजस्थान की खाली हुई तीन प्रमुख सीटों के लिए हुए इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कर्मठ प्रत्याशी नीरज डांगी को आधिकारिक तौर पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। इस प्रकार बिना मतदान के ही राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हुई।[1]

इस पूरे घटनाक्रम में नामांकन वापसी की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों शीर्ष उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन का मार्ग पूरी तरह से साफ हो गया था। गुरुवार को राज्य विधानसभा परिसर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी और विधानसभा सचिव भारत भूषण शर्मा ने तीनों विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपकर उनकी इस नई संसदीय पारी की शुरुआत पर मोहर लगाई।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व का दांव

यह चुनाव राज्य की भावी सियासत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तीनों सीटों पर किसी भी प्रकार के कड़े मुकाबले की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। इसके साथ ही देश के उच्च सदन राज्यसभा में मरुधरा का प्रतिनिधित्व करने वाले नए और पुराने चेहरों की वास्तविक तस्वीर भी पूरी तरह साफ हो गई है। सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को मैदान में उतारा था।

दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने अपने बेहद अनुभवी वरिष्ठ नेता और निवर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर एक बार फिर से बड़ा भरोसा जताया है। राज्य की इन तीन रिक्त सीटों पर केवल तीन ही वैध उम्मीदवारों के नामांकन पत्र शेष रहने के कारण आगामी दिनों में होने वाले मतदान की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी। इस तरह सभी पात्र उम्मीदवारों का राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन घोषित किया गया।

"निर्धारित समय सीमा के भीतर अन्य किसी उम्मीदवार का नामांकन पत्र वैध नहीं पाए जाने के कारण तीनों प्रत्याशियों को नियमानुसार निर्वाचित घोषित किया गया है। सभी नवनिर्वाचित माननीय सदस्यों को विधानसभा परिसर में आवश्यक निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप दिए गए हैं।" - भारत भूषण शर्मा, निर्वाचन अधिकारी एवं विधानसभा सचिव

अनुभव और जातिगत समीकरण

भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सदस्य डॉ. सतीश पूनिया प्रदेश की राजनीति के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं, जो पूर्व में प्रदेशाध्यक्ष और विधायक जैसे कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक दायित्व निभा चुके हैं। वहीं अलका गुर्जर को उच्च सदन भेजकर भाजपा ने महिला नेतृत्व और विशिष्ट सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का एक बड़ा संदेश दिया है, जिसे पार्टी संगठन के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी नीरज डांगी भी पार्टी के वरिष्ठ और दलित समाज के बड़े चेहरे हैं, जिनका पुराना संसदीय अनुभव पार्टी के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद तीनों नवविजेता नेताओं ने अपने-अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। भाजपा ने इसे कार्यकर्ताओं की सामूहिक जीत बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे अपनी विचारधारा की विजय कहा जिससे अंततः राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का अध्याय पूरा हुआ।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। राज्यसभा चुनाव के विजयी उम्मीदवारों, उनके कार्यकाल की अवधि और निर्वाचन नियमों की सटीक कानूनी स्थिति के लिए भारत निर्वाचन आयोग एवं राजस्थान विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Source Source
#RajyaSabhaElection #RajasthanPolitics #SatishPoonia #AlkaGurjar #NeerajDangi #UnopposedElection
Read Full Article on RexTV India