प्रादेशिक

अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज, मचा हड़कंप

सरकारी जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और जर्जर भवनों से आम जनता को सुरक्षित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज

By अजय त्यागी 1 min read
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अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज

छतरपुर, मध्य प्रदेश। शहर के विभिन्न हिस्सों में बेशकीमती सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस बल, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मिलकर शहर के चिन्हित इलाकों में एक व्यापक अभियान चलाया जिसके तहत टीम ने अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज।[विडियो]

इस बड़े अभियान के मुख्य फोकस के तहत प्रताप सागर तालाब के नजदीकी क्षेत्रों और प्रसिद्ध महल रोड पर सालों से जमे अवैध अतिक्रमणों और खतरनाक जर्जर ढांचों को पूरी तरह से साफ किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार बिना किसी पूर्व अनुमति के बहुमूल्य सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध और अनधिकृत निर्माणों को इस विशेष टीम द्वारा पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई

इस वृहद अभियान को जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए राजस्व विभाग, जिला पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आधुनिक संसाधनों के साथ मैदान में उतरे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस सख्त कार्रवाई को अमल में लाने से काफी समय पहले ही संबंधित अवैध कब्जाधारियों को लिखित रूप में बेदखली के कड़े कानूनी नोटिस जारी कर समय सीमा के भीतर जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी।

विभाग ने विशेष तौर पर आगामी मानसून सीजन की शुरुआत से पहले इन पुराने और बेहद जर्जर हो चुके ढांचों के अचानक भरभराकर गिरने के खतरे से सभी को अवगत कराया था। तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब अवैध रूप से रह रहे लोगों ने इन परिसरों को खाली नहीं किया, तो संयुक्त टीम ने मशीनों की मदद से बलपूर्वक अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज।

"आगामी मानसून सत्र को देखते हुए इन पुराने और अत्यंत जर्जर ढांचों को गिराना जनसुरक्षा के लिहाज से बेहद आवश्यक हो गया था। यह कार्रवाई जर्जर भवनों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि उन जर्जर भवनों से आम जनता को सुरक्षित करने के लिए की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय हादसे को टाला जा सके।" - प्रशासनिक मुख्य अधिकारी (संयुक्त टीम)

जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

इस संयुक्त दल ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई करते हुए छतरपुर शहर के भीतर कुल तीन पूर्व-निर्धारित और चिन्हित स्थानों को अपना मुख्य निशाना बनाया है जहां लंबे समय से अनधिकृत कब्जा किया गया था। इस त्वरित कार्रवाई का सबसे मुख्य तकनीकी कारण यह था कि ये अवैध इमारतें समय के साथ पूरी तरह खंडहर में बदल चुकी थीं और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थीं।

ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने या किसी भी प्रकार के स्थानीय विरोध की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पांच प्रमुख प्रशासनिक विभागों के संयुक्त दस्ते ने मौके पर कमान संभाली। भारी पुलिस बल और नगर निगम के सुरक्षा दस्तों की प्रत्यक्ष निगरानी में प्रशासन ने जनहित में बड़ा फैसला लेते हुए इन अवैध कब्जों और जानलेवा खंडहरों को किया जमींदोज।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। छतरपुर शहर के इस ध्वस्तीकरण अभियान की विधिक शर्तो, मुआवजे के दावों और नगरीय निकाय की अंतिम रिपोर्ट के लिए जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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