उत्तराखंड

आगामी 15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस पर लगेगा धार्मिक मेला

बाबा नीब करौरी महाराज की तपोस्थली कैंची धाम स्थापना दिवस पर आगामी 15 जून को धार्मिक मेला आयोजित करने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

By अजय त्यागी 1 min read
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महान आध्यात्मिक संत बाबा नीब करौरी महाराज की पावन कर्मभूमि

नैनीताल, उत्तराखंड। उत्तराखंड की हसीन वादियों में स्थित सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक आश्रम में आगामी पंद्रह जून (कैंची धाम स्थापना दिवस) को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक उत्सव को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित इस विश्व विख्यात मंदिर परिसर में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं ताकि कैंची धाम स्थापना दिवस पर धार्मिक मेला सुचारू रूप से संपन्न हो सके।[विडियो]

महान आध्यात्मिक संत बाबा नीब करौरी महाराज की इस पावन कर्मभूमि पर इस बार भी आस्था का एक अभूतपूर्व सैलाब उमड़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इस पवित्र आश्रम की स्थापना स्वयं बाबा नीब करौरी द्वारा पंद्रह जून उन्नीस सौ चौंसठ को की गई थी। इसी ऐतिहासिक गौरव को याद करते हुए प्रतिवर्ष पंद्रह जून के दिन यहाँ एक अत्यंत भव्य और दिव्य उत्सव का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है।

"इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन का स्वरूप हर साल पहले से कहीं अधिक भव्य और अलौकिक होता जा रहा है। सभी जरूरी प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्थाएं हमारी प्राचीन परंपरा के अनुसार ही पूरी की जा रही हैं, जिसका पालन हम कई दशकों से लगातार और बिना किसी व्यवधान के हर वर्ष करते आ रहे हैं।" - प्रदीप साह, प्रबंधक (कैंची धाम ट्रस्ट)

आश्रम का वैश्विक महत्व

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक बेहद सुंदर पहाड़ी घाटी में स्थित इस पवित्र आश्रम के नाम के पीछे भी एक दिलचस्प भौगोलिक रहस्य छिपा हुआ है। दरअसल यह मंदिर परिसर जहां स्थापित है, वहां दो पर्वतीय सड़कें आपस में मिलकर अंग्रेजी के 'कैंची' शब्द के आकार का दो बेहद तीखा मोड़ बनाती हैं, जिसके कारण इस पावन आध्यात्मिक केंद्र को पूरे विश्व में कैंची धाम के नाम से पुकारा जाता है।

बाबा नीब करौरी के करोड़ों अनुयायी उन्हें साक्षात संकटमोचन भगवान हनुमान जी का कलियुगी अवतार मानते हैं। वर्तमान में इस भव्य आश्रम परिसर के भीतर मुख्य हनुमान जी के भव्य मंदिर के साथ-साथ अन्य प्रमुख देवी-देवताओं के भी बेहद सुंदर और नयनतारा मंदिर स्थापित हैं। इस दिव्य परिसर की आध्यात्मिक आभा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सुदूर सात समंदर पार तक फैला हुआ है।

प्रसिद्ध हस्तियों का जुड़ाव

कैंची धाम की अलौकिक महिमा केवल आम जनता के बीच ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक दिग्गजों और नामचीन हस्तियों के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय रही है। एप्पल जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने साल उन्नीस सौ चौहत्तर में और फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने साल दो हजार पंद्रह में अपने जीवन के सबसे कठिन और संघर्षपूर्ण दौर में मानसिक शांति और सही मार्गदर्शन की तलाश में इस पावन भूमि की शरण ली थी।

इसके अलावा वर्तमान दौर के महान भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली भी अपनी खेल यात्रा के अहम पड़ाव पर आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने यहाँ आ चुके हैं। वैसे तो इस सिद्ध पीठ पर सालभर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन यात्रा के लिए मार्च से जून का समय सबसे उत्तम माना जाता है। इसी पावन काल में प्रशासन मुस्तैदी से जुटा है ताकि आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंद्रह जून को कैंची धाम स्थापना दिवस पर धार्मिक मेला पूर्ण रूप से सुखद और सुरक्षित साबित हो सके।

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