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अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप जीतकर देश का नाम किया रोशन

भारत के सुप्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट ने अपनी कला का लोहा मनवाते हुए पहली बार देश के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप विजेता सुदर्शन पट्टनायक

कैलिनिनग्राद, रूस। कला जगत से भारत के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। देश के सुप्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सुदर्शन पट्टनायक ने रूस में आयोजित एक बेहद प्रतिष्ठित कला प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने अपनी अद्भुत कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रशियन ग्रैंड सैंड मास्टर कप दो हजार छब्बीस का मुख्य खिताब पूरी दुनिया के कलाकारों को पछाड़कर अपने नाम कर लिया है।[विडियो]

इस वैश्विक मंच पर मिली ऐतिहासिक कामयाबी के बाद से ही भारतीय कला प्रेमियों और देशवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट प्रतियोगिता में दुनिया भर के कई नामचीन और शीर्ष रेत कलाकारों ने हिस्सा लिया था। उन सभी के बीच भारतीय कलाकार की अनूठी कलाकृति को जजों और दर्शकों द्वारा सबसे सर्वश्रेष्ठ और प्रभावशाली माना गया, जिसने भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया है।

"रशियन ग्रैंड सैंड मास्टर कप दो हजार छब्बीस जीतना मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है। एक कलाकार के रूप में, यह मेरे जीवन की एक बेहद खास और अनूठी उपलब्धि है। मैं इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को दुनिया भर के अपने उन सभी प्रशंसकों और अनुयायियों को समर्पित करता हूँ जो लगातार मेरे काम को प्रोत्साहित करते हैं। मैं अपनी कला के माध्यम से हमेशा समाज को सार्थक संदेश देने का प्रयास करता हूँ।" - सुदर्शन पट्टनायक (पद्मश्री पुरस्कार विजेता)

कलाकृति का मुख्य विषय

इस वैश्विक प्रतियोगिता के दौरान सुदर्शन पट्टनायक ने वर्तमान समय की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों को अपनी कला का माध्यम बनाया। उन्होंने रेत के माध्यम से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर एक बेहद मार्मिक और सजीव रेत मूर्तिकला का निर्माण किया। उनकी इस कलाकृति ने वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय जजों और पर्यावरण प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर पुरजोर तरीके से आकर्षित किया।

रेत से उकेरी गई इस कलाकृति के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का एक बहुत ही गहरा और जरूरी संदेश पूरी दुनिया को दिया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप को जीतने वाले वह इतिहास के पहले भारतीय कलाकार भी बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप विजेता की अपनी इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्होंने इस भव्य अंतरराष्ट्रीय रेत मूर्तिकला कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए वहां के स्थानीय आयोजकों और सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

वैश्विक स्तर पर पहचान

सुदर्शन पट्टनायक लंबे समय से अपनी रेत कला के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उनकी कलाकृतियां अक्सर समसामयिक मुद्दों, सामाजिक संदेशों और वैश्विक त्योहारों पर आधारित होती हैं, जिन्हें देश और दुनिया में काफी ज्यादा सराहा जाता है। रूस की धरती पर मिली इस महान ऐतिहासिक जीत ने उनके कलात्मक सफर में एक और अत्यंत सुनहरा अध्याय पूरी मजबूती से जोड़ दिया है।

अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप की इस सफलता के बाद दुनिया भर से उन्हें लगातार बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं। खेल, कला और राजनीति जगत से जुड़े तमाम बड़े दिग्गजों ने उनकी इस स्वर्णिम उपलब्धि की खूब सराहना की है। प्रशासनिक स्तर पर भी इसे भारतीय कला संस्कृति की एक बहुत बड़ी वैश्विक विजय माना जा रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय सैंड मास्टर कप के इतिहास में भारत की कलात्मक क्षमता को हमेशा के लिए अमर कर दिया है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रशियन ग्रैंड सैंड मास्टर कप कला प्रतियोगिता के परिणामों की विस्तृत जानकारी के लिए आयोजन समिति द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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