चिकित्सा कर्मियों को पिछले तीन महीनों से सैलरी न मिलने के कारण भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में नर्सेज के बकाया वेतन का संकट गहराया है जिससे स्वास्थ्य सेवा
अस्पताल में हंगामा
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के तत्वाधान में विलोपित नर्सेज के लंबे समय से अटके वेतन भुगतान को लेकर शुक्रवार को स्थानीय महात्मा गांधी अस्पताल में नर्सिंग कर्मचारियों का भारी गुस्सा फूट पड़ा। नाराज चिकित्सा कर्मियों ने अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) कार्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के चलते नर्सेज के बकाया वेतन का संकट गहराया है जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नारायण लाल माली और मुख्य संरक्षक फरीद मोहम्मद रंगरेज के संयुक्त नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज में विलोपित चल रहे तिरासी नर्सेज कर्मियों के पिछले तीन महीनों की सैलरी का भुगतान नहीं हो पाया है। इस वजह से नाराज नर्सेज ने चिकित्सालय परिसर में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों और आला अधिकारियों के बीच भुगतान में हो रही अनावश्यक देरी को लेकर काफी तीखी बहस भी हुई।
"मेडिकल कॉलेज में विलोपित चल रहे तिरासी नर्सेज कर्मियों के पिछले तीन महीनों के बकाया वेतन का अविलंब भुगतान नहीं किया गया, तो आगामी पंद्रह जून दो हजार छब्बीस से मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे और धरना देंगे। जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक रोजाना पीएमओ ऑफिस के बाहर धरना दिया जाएगा।" - नारायण लाल माली (जिलाध्यक्ष, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन)
शुक्रवार को भारी संख्या में एकत्रित हुए पीड़ित नर्सेज कर्मियों ने सबसे पहले महात्मा गांधी अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में अस्पताल परिसर के भीतर ही जबरदस्त नारेबाजी की और ढीली प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध जताया जिससे नर्सेज के बकाया वेतन का संकट गहराया है और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।
कार्यालय पर प्रदर्शन करने के तुरंत बाद सभी नर्सेज कर्मी एक आक्रोशित रैली के रूप में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां भी नर्सेज ने भारी नारेबाजी करते हुए पीएमओ डॉ. अरुण कुमार गौड़ का घेराव कर लिया जिसके बाद माहौल काफी ज्यादा गरमा गया। इस हंगामे के दौरान सांवरमल सोनी, विनोद वर्मा, सोहन लाल बैरवा, गोविंद राम शर्मा, विमला व्यास और अन्नू कंवर राठौड़ सहित कई मुख्य कर्मचारी मौजूद रहे।
नर्सेज नेताओं ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि विलोपित कर्मियों के पिछले तीन महीनों की सैलरी का जल्द निपटारा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज होगा। आगामी पंद्रह जून दो हजार छब्बीस से मेडिकल कॉलेज के समस्त कर्मचारी रोजाना दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। यह विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक कि उनकी न्यायसंगत मांग पूरी नहीं हो जाती।
कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी वाजिब मांग पूरी नहीं होती, तब तक रोजाना पीएमओ ऑफिस के बाहर सामूहिक धरना दिया जाएगा। इस बड़े आंदोलन और कार्य बहिष्कार से अस्पताल में होने वाली किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और इन बेकसूर मरीजों को होने वाली भारी परेशानी की पूरी नैतिक जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी क्योंकि नर्सेज के बकाया वेतन का संकट गहराया है और समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट स्थानीय नर्सेज एसोसिएशन एवं अस्पताल सूत्रों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। विलोपित नर्सेज के वेतन भुगतान की तकनीकी स्थिति, कार्य बहिष्कार एवं प्रशासनिक समझौतों की सटीक जानकारी के लिए मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा एवं संबंधित अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयानों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।