हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक पोत पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत पर हंगामा मचने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने सभी संबंधित मुल्कों को कड़ी चेतावनी दी है।
स्टीफन दुजारिक (प्रवक्ता, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख)
न्यू यॉर्क, संयुक्त राष्ट्र। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाकर किए गए एक अप्रत्याशित सैन्य हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस भीषण गोलाबारी की चपेट में आने से निर्दोष नागरिकों की जान गई है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन भारतीयों की मौत पर हंगामा मच गया है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हमले की कड़ी निंदा की गई है।[विडियो]
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संकट के सामने आने के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र संघ के सर्वोच्च नेतृत्व की तरफ से एक आधिकारिक और बेहद कड़ा बयान जारी किया गया है। वैश्विक संस्था ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि इस तरह की हिंसक और बेकाबू सैन्य कार्रवाइयों से न केवल निर्दोष आम नागरिकों की जान जा रही है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए भी एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
"संयुक्त राष्ट्र महासचिव इस बात पर विशेष रूप से जोर देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए। वह सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव व्यावहारिक सावधानी बरतने का आह्वान करते हैं।" - स्टीफन दुजारिक (प्रवक्ता, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख)
प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने वैश्विक मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील समुद्री विवाद को सुलझाने का एकमात्र रास्ता केवल वास्तविक संवाद और शांतिपूर्ण कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से ही संभव है। महासचिव ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान से इस दिशा में अपने साझा राजनयिक प्रयासों को तत्काल दोगुना करने का विशेष आग्रह किया है ताकि भविष्य में किसी भी बड़े आर्थिक और सामरिक नुकसान से बचा जा सके।
यह रणनीतिक कूटनीतिक प्रयास क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था को अग्रसर करने के लिए इस समय बेहद अपरिहार्य हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम नहीं किया गया, तो इसके बेहद विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं जिससे तीन भारतीयों की मौत पर हंगामा और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे कुछ प्रमुख कमर्शियल जहाजों को सीधे तौर पर भारी हथियारों से निशाना बनाया गया था। इस भयंकर सैन्य गोलाबारी में मुख्य रूप से 'सेटेबेलो' नामक एक बड़े और प्रतिष्ठित तेल टैंकर जहाज को सीधे तौर पर हिट किया गया था जिसके कारण जहाज पर ड्यूटी कर रहे कई भारतीय नाविकों की कार्यस्थल पर ही असमय मौत हो गई। जिसके बाद तीन भारतीयों की मौत पर हंगामा उठ खड़ा हुआ।
इस अत्यंत दुखद और बर्बर घटना की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के सम्मानित महासचिव ने भी इसकी बहुत ही स्पष्ट और कड़े शब्दों में आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए इस अप्रत्याशित हमले को पूरी तरह से अवैध और समुद्री सुरक्षा संधियों का खुला उल्लंघन करार दिया है जिसने समुद्री कानून के जानकारों को भी पूरी तरह हैरान कर दिया है।
इस भयानक घटना ने हिंद महासागर और खाड़ी देशों के मध्य होने वाले कच्चे तेल के वैश्विक व्यापार और परिवहन पर एक बहुत बड़ा सुरक्षात्मक प्रश्नचिह्न लगा दिया है। दुनिया भर के विभिन्न देशों के नाविक संगठनों ने इस हिंसक वारदात पर गहरा शोक प्रकट करते हुए वैश्विक शक्तियों से इस क्षेत्र में सुरक्षा गश्त को और अधिक मजबूत करने की मांग उठाई है ताकि आने वाले समय में वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।
संयुक्त राष्ट्र और उसकी सहयोगी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह पूरी उम्मीद है कि दोनों बड़े देश आपसी मतभेदों को भुलाकर जल्द ही एक मजबूत सुरक्षा समझौते पर सहमत होंगे ताकि भविष्य में तीन भारतीयों की मौत पर हंगामा जैसी विषम और दुखद परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा, कूटनीतिक समझौतों तथा मृतकों की आधिकारिक पहचान से संबंधित अपडेट के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।