प्रादेशिक

एंटी-नक्सल अभियान में बड़ी सफलता: भारी मात्रा में बारूद बरामद

खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने आठ छिपे हुए डंप खोजकर एंटी-नक्सल अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

भारी मात्र में बारूद बरामद

बीजापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के आठ छिपे हुए गोला-बारूद के डंप खोजकर एंटी-नक्सल अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है।

यह सफल ऑपरेशन 199वीं बटालियन के कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और सेकेंड-इन-कमांड कुमार नीरज के कुशल पर्यवेक्षण में चलाया गया। बी/199 कंपनी और यंग प्लाटून का नेतृत्व कंपनी कमांडर राजीव कुमार कर रहे थे, जबकि एफ/199 कंपनी की कमान इंस्पेक्टर के बी पांडा के हाथों में थी। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से एक बड़ा टल गया।[1]

सघन तलाशी अभियान

सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने पीढ़िया और कुप्पागुड़ा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले अद्रि, हर्रा और मदुमपारा गांवों के घने जंगलों में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने रणनीतिक रूप से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और चरणबद्ध तरीके से तलाशी ली। इस दौरान एंटी-नक्सल अभियान में बड़ी सफलता मिली जब जवानों को निशाना बनाने के लिए छिपाए गए हथियार बरामद किए गए।

जंगलों से बरामद सामग्रियों में एक बैरल ग्रेनेड लॉन्चर राइफल, एक आठ एमएम राइफल, एक बारह बोर राइफल और इक्कीस इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी शामिल हैं। इसके अलावा आईईडी बनाने की सामग्री जैसे कोर्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, इलेक्ट्रिक वायर, एयर गन राउंड और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी भारी मात्रा में बरामद किए गए हैं।

नक्सली साजिश नाकाम

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़ों सहित अट्ठावन अलग-अलग प्रकार की सामग्रियां जब्त की गई हैं। इस बड़ी बरामदगी से सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की नक्सलियों की एक बहुत बड़ी साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है। अद्रि, हर्रा और मदुमपारा के आसपास के क्षेत्र पारंपरिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।

हालांकि सीआरपीएफ़ की 199वीं बटालियन द्वारा लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशनों और सुरक्षा बलों की निरंतर उपस्थिति ने इस क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभाव को काफी हद तक कम कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और क्षेत्र में विकास गतिविधियों में तेजी आई है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

गरियाबंद में कार्रवाई

एंटी-नक्सल अभियान में बड़ी सफलता का यह सिलसिला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भी देखने को मिला है। गरियाबंद में भी सुरक्षा बलों द्वारा सक्रिय तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एक ऐसे ही ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ़ और स्थानीय पुलिस के जवानों ने डंडईपानी के जंगलों में एक और संदिग्ध नक्सली डंप का पता लगाने में कामयाबी हासिल की।

बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक सामग्री की उपस्थिति की पुष्टि की। सुरक्षा बलों ने डंप से एक चार किलोग्राम का प्रेशर आईईडी और एक कुकर आईईडी बरामद किया, जिसे मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। इसके साथ ही एक भरमार राइफल, इंटरसेप्टर, यूबीजीएल राउंड और मैगजीन भी जब्त की गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह विवरण छत्तीसगढ़ के बीजापुर और गरियाबंद में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित नक्सल विरोधी अभियानों और बरामदगी पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Source Source
#AntiNaxalOperation #CRPFSuccess #ChhattisgarhNews #BijapurRaid #SecurityForces #GariabandEncounter
Read Full Article on RexTV India